search
Q: पाश्चात्य सौंदर्य शास्त्र में ‘उदात’ का सिद्धांत प्रतिपादित किया
  • A. अरिस्टॉटल ने
  • B. लोंजाइनस ने
  • C. हेगेल ने
  • D. क्रोचे ने
Correct Answer: Option B - ‘लोंजाइनस’ एक प्रसिद्ध पाश्चात्य सौन्दर्य शास्त्री थे। जिन्होंने उदात का सिद्धान्त प्रतिपादित किया था। इनका विचार था कि ‘‘काव्य कला में उदात, तत्व, कल्पना, संवेग और शब्द सौन्दर्य से आता है।’’ जिसके द्वारा कवि का कलाकार की कृतियों में हृदय स्पर्शी सौन्दर्य का बोध होता है।
B. ‘लोंजाइनस’ एक प्रसिद्ध पाश्चात्य सौन्दर्य शास्त्री थे। जिन्होंने उदात का सिद्धान्त प्रतिपादित किया था। इनका विचार था कि ‘‘काव्य कला में उदात, तत्व, कल्पना, संवेग और शब्द सौन्दर्य से आता है।’’ जिसके द्वारा कवि का कलाकार की कृतियों में हृदय स्पर्शी सौन्दर्य का बोध होता है।

Explanations:

‘लोंजाइनस’ एक प्रसिद्ध पाश्चात्य सौन्दर्य शास्त्री थे। जिन्होंने उदात का सिद्धान्त प्रतिपादित किया था। इनका विचार था कि ‘‘काव्य कला में उदात, तत्व, कल्पना, संवेग और शब्द सौन्दर्य से आता है।’’ जिसके द्वारा कवि का कलाकार की कृतियों में हृदय स्पर्शी सौन्दर्य का बोध होता है।