Correct Answer:
Option B - मूषक अपने बिल से निकलकर सिंह के शरीर पर इधर उधर नर्तन कर रहे थे। उसके जगने पर सभी अपने अपने बिलों में भाग खड़े हुए किन्तु एक पकड़ा गया। जिसने अपनी विनम्र वाणी में कहा कि आप जंगल के राजा हैं और मैं क्षुद्र प्राणी हूँ। मेरे अपराध को क्षमा कर दें।
B. मूषक अपने बिल से निकलकर सिंह के शरीर पर इधर उधर नर्तन कर रहे थे। उसके जगने पर सभी अपने अपने बिलों में भाग खड़े हुए किन्तु एक पकड़ा गया। जिसने अपनी विनम्र वाणी में कहा कि आप जंगल के राजा हैं और मैं क्षुद्र प्राणी हूँ। मेरे अपराध को क्षमा कर दें।