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Q: निर्देश:- अधोलिखतं गद्यांशं पठित्वा 71-77 प्रश्नानां विकल्पात्मकोत्तरेभ्य: उचिततमम् उत्तरं चित्वा लिखत- महाकवि: कालिदास: न केवलं संस्कृतसाहित्यस्य अपितु विश्वसाहित्यस्य श्रेष्ठ: कवि: अस्ति। अतएव इंग्लैंड-देशवासिन: स्वकीयाभ्यां सर्वश्रेष्ठाभ्यां दन्ते-वर्जिलाभ्यां सह तस्य तुलनां कुर्वन्ति। जर्मनीदेशवासिन; तु तं ‘शेक्सपीयर’ इति कथयन्ति। एष; महान् कवि नाटककार: चासीत। कालिदासेन विरचिता: सप्त ग्रन्था: सन्ति एतेषु रघुवंशम्, कुमारसंभवम् इति द्वे महाकाव्ये, ऋतुसंहारम् मेघदूतम् नामके द्वे खण्डकाव्ये, अभिज्ञानशाकुन्तलम्, विक्रमोर्वशीयम्, मालविकाग्निमित्रम् चेति त्रीणि नाटकानि सनित। सौन्दर्य-वर्णने काव्यप्रतिभायां च महाकवि:कालिदास: अद्यापि अप्रतिम: वर्तते। भारतीय महाकविषु स: ‘कविकुलगुरु:’ इति उपाधिना विभूषित:। कालिदास: कति नाटकानि अरचय?
  • A. 5
  • B. 3
  • C. 4
  • D. उपर्युक्तेषु एकस्मादधिक:
  • E. उपर्युक्तेषु किञ्चन् अपि नास्ति
Correct Answer: Option C - कालिदास: त्रीणि नाटकानि अरचय। अर्थात् कालिदास तीन नाटकों की रचना की है। 1. विक्रमोर्वशीयम् - 5 अंङ्को का एक त्रोटक नाटक है। 2. मालविकाग्निमित्रम् - 5 अंङ्को का नाटक है। 3. अभिज्ञानशाकुन्तलम् - 7 अंङ्को का अन्तिम नाटक है। कालिदास द्वारा रचित कुल सात रचनाएँ प्राप्त होता है। अत: समुचित (b) है।
C. कालिदास: त्रीणि नाटकानि अरचय। अर्थात् कालिदास तीन नाटकों की रचना की है। 1. विक्रमोर्वशीयम् - 5 अंङ्को का एक त्रोटक नाटक है। 2. मालविकाग्निमित्रम् - 5 अंङ्को का नाटक है। 3. अभिज्ञानशाकुन्तलम् - 7 अंङ्को का अन्तिम नाटक है। कालिदास द्वारा रचित कुल सात रचनाएँ प्राप्त होता है। अत: समुचित (b) है।

Explanations:

कालिदास: त्रीणि नाटकानि अरचय। अर्थात् कालिदास तीन नाटकों की रचना की है। 1. विक्रमोर्वशीयम् - 5 अंङ्को का एक त्रोटक नाटक है। 2. मालविकाग्निमित्रम् - 5 अंङ्को का नाटक है। 3. अभिज्ञानशाकुन्तलम् - 7 अंङ्को का अन्तिम नाटक है। कालिदास द्वारा रचित कुल सात रचनाएँ प्राप्त होता है। अत: समुचित (b) है।