Correct Answer:
Option A - ‘सदगुरू’ का संधि-विच्छेद है - सत् + गुरू। सद्गुरू में व्यंजन सन्धि है। यदि ‘क’ ‘च’, ‘ट्’, ‘त्’, ‘प्’ के बाद किसी वर्ग का तृतीय या चतुर्थ वर्ण आए, या य, र, ल, व या कोई स्वर आए, तो ‘क्’, ‘च्’, ‘ट्’, ‘त्’, ‘प्’ के स्थान में अपने ही वर्ग का तीसरा वर्ण हो जाता है।
जैसे - दिग्गज, षड्दर्शन
A. ‘सदगुरू’ का संधि-विच्छेद है - सत् + गुरू। सद्गुरू में व्यंजन सन्धि है। यदि ‘क’ ‘च’, ‘ट्’, ‘त्’, ‘प्’ के बाद किसी वर्ग का तृतीय या चतुर्थ वर्ण आए, या य, र, ल, व या कोई स्वर आए, तो ‘क्’, ‘च्’, ‘ट्’, ‘त्’, ‘प्’ के स्थान में अपने ही वर्ग का तीसरा वर्ण हो जाता है।
जैसे - दिग्गज, षड्दर्शन