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Q: निर्देश (181-189) :- निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गये प्रश्नों के सही। सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए। कई दिनों तक परिश्रमपूर्वक खोजने के बाद भी जीवक को ऐसी कोई वनस्पति प्राप्त नहीं हुई जिसमे औषधीय गुण न हों। वह तक्षशिला विश्वविद्यालय के विशाल परिसर के बाहर दूर-दूर तक जाकर ढूँढ़ चुका था, अनेक अज्ञात वनस्पतियों का परीक्षण भी कर चुका था पर उसे सफलता हाथ नहीं लगी। अंतत: उसे खाली हाथ आचार्य के पास लौटना पड़ा। लौटते हुए वह विचार कर रहा था। आचार्य से अपनी असफलता बताकर क्या उत्तीर्ण हुआ जा सकता है? नहीं। उसे अभी और परिश्रम करना पड़ेगा। उसकी शिक्षा अधूरी है। उसने धरती माता के वात्सल्य का अनुभव किया था। प्राणियों के पोषण और रक्षण के लिए प्रकृति द्वारा दिए गए वरदानों से वह परिचित हुआ था। उसके मन मे यह बात कचोट रही थी कि प्रकृति से इतनी अमूल्य जैव-संपदा पाकर हम कृतज्ञ क्यों नहीं होते? कितने जड़मति हैं वे लोग जो इसे नष्ट करते हैं। ‘जैव-संपदा’ का समास विग्रह है।
  • A. जैव की संपदा
  • B. जैव के लिए संपदा
  • C. जैव में संपदा
  • D. जैव और संपदा
Correct Answer: Option A - ‘जैव-संपदा’ का समास विग्रह ‘जैव की संपदा’ है। इसमें तत्पुरुष समास है। तत्पुरुष समास – इस समास में अन्तिम पद प्रधान होता है। • कर्ता और सम्बोधन को छोड़ शेष छ: कारकों की विभक्तियों के अर्थ मेें तत्पुरुष समास होता है। तत्पुरुष समास बहुधा दोनों पद संज्ञा या पहला पद संज्ञा और दूसरा विशेषण होता है। जैसे स्वर्गप्राप्त, वाग्युद्ध, देशभक्ति, जन्मांध, सेनापति, आपबीती आदि।
A. ‘जैव-संपदा’ का समास विग्रह ‘जैव की संपदा’ है। इसमें तत्पुरुष समास है। तत्पुरुष समास – इस समास में अन्तिम पद प्रधान होता है। • कर्ता और सम्बोधन को छोड़ शेष छ: कारकों की विभक्तियों के अर्थ मेें तत्पुरुष समास होता है। तत्पुरुष समास बहुधा दोनों पद संज्ञा या पहला पद संज्ञा और दूसरा विशेषण होता है। जैसे स्वर्गप्राप्त, वाग्युद्ध, देशभक्ति, जन्मांध, सेनापति, आपबीती आदि।

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‘जैव-संपदा’ का समास विग्रह ‘जैव की संपदा’ है। इसमें तत्पुरुष समास है। तत्पुरुष समास – इस समास में अन्तिम पद प्रधान होता है। • कर्ता और सम्बोधन को छोड़ शेष छ: कारकों की विभक्तियों के अर्थ मेें तत्पुरुष समास होता है। तत्पुरुष समास बहुधा दोनों पद संज्ञा या पहला पद संज्ञा और दूसरा विशेषण होता है। जैसे स्वर्गप्राप्त, वाग्युद्ध, देशभक्ति, जन्मांध, सेनापति, आपबीती आदि।