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Q: निर्देश (121–129) : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए। आजकल बड़े-बड़े कल-कारखानें, उद्योगशालाएँ अपनी धुआँ उगलती चिमनियों से वायुमंंडल में प्राणघातक जहरीली हवाएँ प्रसारित कर रही हैं। इन उद्योगशालाओं और कारखानों में प्रयुक्त होने वाला पानी अनेक प्रकार के जहरीले रसायनों से युक्त अवशेष के रूप में नदियों में बेहिचक ऊँडेला जा रहा है जो नदियों के प्राकृतिक जल को अपेय बना रहा है। इसके अलावा सड़कों पर दौड़ते वाहन, उनका धुआँ और जहरीली गैसें भी इस प्रदूषण में अपना अंशदान कर रही हैं। इस चौतरफा आक्रमण से मानव सभ्यता का बच पाना एक कठिन कार्य लग रहा है क्योंकि प्राणवायु के अभाव में जीवन के संभव रहने की कल्पना भी नहीं की जा सकती। गद्यांश के आधार पर नदियों के जल को प्रदूषित कर रहा है
  • A. कारखानों से निकलने वाली जहरीली वायु।
  • B. कारखानों से निकलने वाला धुआँ।
  • C. घरों से निकलने वाले अपशिष्ट पदार्थ।
  • D. कारखानों से निकलने वाला रसायन युक्त पानी।
Correct Answer: Option D - कारखानों से निकलने वाला रसायन युक्त पानी नदियों के जल को प्रदूषित कर रहा है। यह नदियों के प्राकृतिक जल को अपेय बना रहा है।
D. कारखानों से निकलने वाला रसायन युक्त पानी नदियों के जल को प्रदूषित कर रहा है। यह नदियों के प्राकृतिक जल को अपेय बना रहा है।

Explanations:

कारखानों से निकलने वाला रसायन युक्त पानी नदियों के जल को प्रदूषित कर रहा है। यह नदियों के प्राकृतिक जल को अपेय बना रहा है।