Correct Answer:
Option C - दिये गये विकल्पों में ‘नूरजहाँ प्रबंधकाव्य’ के रचयिता गुरुभक्त सिंह हैं। कुतुबन सूफी कवि हैं, इनकी रचना मृगावती है। ‘सियारामशरण गुप्त’ राष्ट्रीय सांस्कृतिक काव्य धारा के कवि हैं। इनकी रचनाएँ- मौर्य विजय, विषाद, अनाथ, दूर्वादल, आद्र्रा, आत्मोत्सर्ग आदि। अयोध्यासिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’ द्विवेदी युग के कवि हैं। इनकी रचना ‘प्रिय प्रवास’ है।
C. दिये गये विकल्पों में ‘नूरजहाँ प्रबंधकाव्य’ के रचयिता गुरुभक्त सिंह हैं। कुतुबन सूफी कवि हैं, इनकी रचना मृगावती है। ‘सियारामशरण गुप्त’ राष्ट्रीय सांस्कृतिक काव्य धारा के कवि हैं। इनकी रचनाएँ- मौर्य विजय, विषाद, अनाथ, दूर्वादल, आद्र्रा, आत्मोत्सर्ग आदि। अयोध्यासिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’ द्विवेदी युग के कवि हैं। इनकी रचना ‘प्रिय प्रवास’ है।