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Q: ‘Nanda Rajjat’ is celebrated after a interval of ‘नन्दा राजजात’ को मनाया जाता है ________ अन्तराल के बाद।
  • A. 4 years/4 वर्ष
  • B. 6 years/6 वर्ष
  • C. 12 years/12 वर्ष
  • D. 14 years/14 वर्ष
Correct Answer: Option C - नन्दा राजजात, भारत के उत्तराखण्ड राज्य में होने वाली एक नन्दा देवी की धार्मिक यात्रा है। यह उत्तराखण्ड के कुछ सर्वाधिक प्रसिद्ध सांस्कृतिक आयोजनों में से एक है। यह प्रत्येक 12 वर्षों के बाद आयोजित होती है। अन्तिम राजजात सन 2014 में हुई थी। अगली राजजात सन् 2026 में होगी। लोक इतिहास के अनुसार, नन्दा गढ़वाल के राजाओं के साथ साथ कुमाँऊ के कत्युरी राजवंश की ईष्टदेवी थी। ईष्टदेवी होने के कारण नन्दा देवी को राजराजेश्वरी कहकर सम्बोधित किया जाता है परन्तु कहीं-कहीं नन्दा देवी को ही पार्वती का रूप माना गया है।
C. नन्दा राजजात, भारत के उत्तराखण्ड राज्य में होने वाली एक नन्दा देवी की धार्मिक यात्रा है। यह उत्तराखण्ड के कुछ सर्वाधिक प्रसिद्ध सांस्कृतिक आयोजनों में से एक है। यह प्रत्येक 12 वर्षों के बाद आयोजित होती है। अन्तिम राजजात सन 2014 में हुई थी। अगली राजजात सन् 2026 में होगी। लोक इतिहास के अनुसार, नन्दा गढ़वाल के राजाओं के साथ साथ कुमाँऊ के कत्युरी राजवंश की ईष्टदेवी थी। ईष्टदेवी होने के कारण नन्दा देवी को राजराजेश्वरी कहकर सम्बोधित किया जाता है परन्तु कहीं-कहीं नन्दा देवी को ही पार्वती का रूप माना गया है।

Explanations:

नन्दा राजजात, भारत के उत्तराखण्ड राज्य में होने वाली एक नन्दा देवी की धार्मिक यात्रा है। यह उत्तराखण्ड के कुछ सर्वाधिक प्रसिद्ध सांस्कृतिक आयोजनों में से एक है। यह प्रत्येक 12 वर्षों के बाद आयोजित होती है। अन्तिम राजजात सन 2014 में हुई थी। अगली राजजात सन् 2026 में होगी। लोक इतिहास के अनुसार, नन्दा गढ़वाल के राजाओं के साथ साथ कुमाँऊ के कत्युरी राजवंश की ईष्टदेवी थी। ईष्टदेवी होने के कारण नन्दा देवी को राजराजेश्वरी कहकर सम्बोधित किया जाता है परन्तु कहीं-कहीं नन्दा देवी को ही पार्वती का रूप माना गया है।