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Q: .
  • A. केवल (B) और (C)
  • B. केवल (E) और (B)
  • C. केवल (D) और (A)
  • D. केवल (A) और (B)
Correct Answer: Option C - भीष्म साहनी कृत ‘चीफ की दावत’ (1956ई.) कहानी से उद्धृत निम्न कथन शामनाथ के नहीं हैं- 1. ‘‘मुझे गाँव के लोग बहुत पसंद हैं, तब तो तुम्हारी माँ गाँव के गीत और नाच भी जानती होंगी?’’ 2. वाह तुम माँ और बेटे की बातों में मैं क्यूँ बुरी बनूँ! तुम जानों और वह जानें। जबकि शेष अन्य कथन शामनाम के है जो निम्नवत् है- 1. मैं नहीं चाहता कि उस बुढि़या का आना-जाना यहाँ फिर से शुरु हो। पहले ही बड़ी मुश्किल से बन्द किया था। 2. यह फटी हुई है, साहब मैं आपको नयी बनवा दूँगा। 3. तिनककर बोले-यह कौन सा राग छेड़ दिया माँ! सीधा कह दो नही है जेवर, बस। • ‘चीफ की दावत’ कहानी ‘व्यंग्यात्मक शैली’ में लिखी गयी है जो पंजाबी परिवेश और एक स्वार्थ परक पारिवारिक ढाँचे के ऊपर आधारित है। • यह कहानी ‘पहला पाठ’ कहानी संग्रह में संकलित है। भीष्म साहनी के प्रमुख कहानी संग्रह- भाग्य खा, पहला पाठ, भटकती राख, पटरियाँ, वाड्चू, शोभायात्रा, निशाचर, पाली, डायन आदि।
C. भीष्म साहनी कृत ‘चीफ की दावत’ (1956ई.) कहानी से उद्धृत निम्न कथन शामनाथ के नहीं हैं- 1. ‘‘मुझे गाँव के लोग बहुत पसंद हैं, तब तो तुम्हारी माँ गाँव के गीत और नाच भी जानती होंगी?’’ 2. वाह तुम माँ और बेटे की बातों में मैं क्यूँ बुरी बनूँ! तुम जानों और वह जानें। जबकि शेष अन्य कथन शामनाम के है जो निम्नवत् है- 1. मैं नहीं चाहता कि उस बुढि़या का आना-जाना यहाँ फिर से शुरु हो। पहले ही बड़ी मुश्किल से बन्द किया था। 2. यह फटी हुई है, साहब मैं आपको नयी बनवा दूँगा। 3. तिनककर बोले-यह कौन सा राग छेड़ दिया माँ! सीधा कह दो नही है जेवर, बस। • ‘चीफ की दावत’ कहानी ‘व्यंग्यात्मक शैली’ में लिखी गयी है जो पंजाबी परिवेश और एक स्वार्थ परक पारिवारिक ढाँचे के ऊपर आधारित है। • यह कहानी ‘पहला पाठ’ कहानी संग्रह में संकलित है। भीष्म साहनी के प्रमुख कहानी संग्रह- भाग्य खा, पहला पाठ, भटकती राख, पटरियाँ, वाड्चू, शोभायात्रा, निशाचर, पाली, डायन आदि।

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भीष्म साहनी कृत ‘चीफ की दावत’ (1956ई.) कहानी से उद्धृत निम्न कथन शामनाथ के नहीं हैं- 1. ‘‘मुझे गाँव के लोग बहुत पसंद हैं, तब तो तुम्हारी माँ गाँव के गीत और नाच भी जानती होंगी?’’ 2. वाह तुम माँ और बेटे की बातों में मैं क्यूँ बुरी बनूँ! तुम जानों और वह जानें। जबकि शेष अन्य कथन शामनाम के है जो निम्नवत् है- 1. मैं नहीं चाहता कि उस बुढि़या का आना-जाना यहाँ फिर से शुरु हो। पहले ही बड़ी मुश्किल से बन्द किया था। 2. यह फटी हुई है, साहब मैं आपको नयी बनवा दूँगा। 3. तिनककर बोले-यह कौन सा राग छेड़ दिया माँ! सीधा कह दो नही है जेवर, बस। • ‘चीफ की दावत’ कहानी ‘व्यंग्यात्मक शैली’ में लिखी गयी है जो पंजाबी परिवेश और एक स्वार्थ परक पारिवारिक ढाँचे के ऊपर आधारित है। • यह कहानी ‘पहला पाठ’ कहानी संग्रह में संकलित है। भीष्म साहनी के प्रमुख कहानी संग्रह- भाग्य खा, पहला पाठ, भटकती राख, पटरियाँ, वाड्चू, शोभायात्रा, निशाचर, पाली, डायन आदि।