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Q: निम्नलिखित युग्मों में से कौन सा एक युग्म सही सुमेलित नहीं है?
  • A. शिल्पादिकारम : इलांगोआदिगल
  • B. मणिमेखलै : तिरुमा़जीशी
  • C. कुरल : तिरुवल्लुवर
  • D. तिरुमदल : तिरुमंगै अलवार
Correct Answer: Option B - `शिलप्पदिकारम' संगमकालीन महाकाव्य है इसकी रचना चेर शासक शेनुगुट्टवन के अनुज इलांगोआदिगल ने की थी। मणिमेखलै─यह भी संगमकालीन महाकाव्य है। इसकी रचना मदुरा के एक अनाज व्यापारी सीतलैसत्तनार ने की थी। यह बौद्ध था। कुरल─इसके प्रवेता कवि तिरूवल्लुवर हैं। इसमें उनकी तथा उनकी पत्नी की कहानियाँ मिलती हैं। इसे तमिल साहित्य का बाइबिल अथवा पंचमवेद भी माना जाता है। तिरुमदल─इस ग्रंथ की रचना तिरुमंगें अलवार ने की थी।
B. `शिलप्पदिकारम' संगमकालीन महाकाव्य है इसकी रचना चेर शासक शेनुगुट्टवन के अनुज इलांगोआदिगल ने की थी। मणिमेखलै─यह भी संगमकालीन महाकाव्य है। इसकी रचना मदुरा के एक अनाज व्यापारी सीतलैसत्तनार ने की थी। यह बौद्ध था। कुरल─इसके प्रवेता कवि तिरूवल्लुवर हैं। इसमें उनकी तथा उनकी पत्नी की कहानियाँ मिलती हैं। इसे तमिल साहित्य का बाइबिल अथवा पंचमवेद भी माना जाता है। तिरुमदल─इस ग्रंथ की रचना तिरुमंगें अलवार ने की थी।

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`शिलप्पदिकारम' संगमकालीन महाकाव्य है इसकी रचना चेर शासक शेनुगुट्टवन के अनुज इलांगोआदिगल ने की थी। मणिमेखलै─यह भी संगमकालीन महाकाव्य है। इसकी रचना मदुरा के एक अनाज व्यापारी सीतलैसत्तनार ने की थी। यह बौद्ध था। कुरल─इसके प्रवेता कवि तिरूवल्लुवर हैं। इसमें उनकी तथा उनकी पत्नी की कहानियाँ मिलती हैं। इसे तमिल साहित्य का बाइबिल अथवा पंचमवेद भी माना जाता है। तिरुमदल─इस ग्रंथ की रचना तिरुमंगें अलवार ने की थी।