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Q: ‘जनार्दन:’ शब्द की उचित व्युत्पत्ति है
  • A. जन + अर्द् + णिच् + ल्यु
  • B. जन + अर्द् + णिच् + ल्युट्
  • C. जनु + अर्द + ल्यु + अ
  • D. जन + अर्द + ल्यु + णिच्
Correct Answer: Option B - ‘जनार्दन:’ शब्द की व्युत्पत्ति इस प्रकार है– जन + अर्द् + णिच् + ल्युट् ल्युट् प्रत्यय भाववाचक शब्द बनाने के लिए धातु से लगता है। ल्युट् का ‘अन’ शेष रहता है। ल्युट् प्रत्ययान्त शब्द नपुंसकलिंङ्ग होता है। इस प्रकार नपुंसक लिङ्ग भाववाचक शब्द बनाने के लिए ल्युट (अन) धातुओं में लगाया जाता है।
B. ‘जनार्दन:’ शब्द की व्युत्पत्ति इस प्रकार है– जन + अर्द् + णिच् + ल्युट् ल्युट् प्रत्यय भाववाचक शब्द बनाने के लिए धातु से लगता है। ल्युट् का ‘अन’ शेष रहता है। ल्युट् प्रत्ययान्त शब्द नपुंसकलिंङ्ग होता है। इस प्रकार नपुंसक लिङ्ग भाववाचक शब्द बनाने के लिए ल्युट (अन) धातुओं में लगाया जाता है।

Explanations:

‘जनार्दन:’ शब्द की व्युत्पत्ति इस प्रकार है– जन + अर्द् + णिच् + ल्युट् ल्युट् प्रत्यय भाववाचक शब्द बनाने के लिए धातु से लगता है। ल्युट् का ‘अन’ शेष रहता है। ल्युट् प्रत्ययान्त शब्द नपुंसकलिंङ्ग होता है। इस प्रकार नपुंसक लिङ्ग भाववाचक शब्द बनाने के लिए ल्युट (अन) धातुओं में लगाया जाता है।