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Q: निम्नलिखित युग्मों में से कौन-सा एक सही सुमेलित है? (भक्ति संत) दर्शन
  • A. शंकर अवधूत
  • B. रामानंद केवलाद्वैत
  • C. रामानुज विशिष्टाद्वैत
  • D. चैतन्य अद्वैत
Correct Answer: Option C - रामानुज (1017-1137) वैष्णव संप्रदाय के महान संत एवं भक्ति आन्दोलन के प्रतिपादक थे। इन्होंने विशिष्टाद्वैत दर्शन का प्रतिपादन किया। शंकराचार्य स्मृति संप्रदाय के संत थे, इन्होंने अद्वैतवाद दर्शन का प्रतिपादन किया। रामानन्द उत्तर भारत के भक्ति आन्दोलन के प्रथम महान सन्त थे। इन्होंने दक्षिण और उत्तर भारत के भक्ति आन्दोलन के मध्य सेतु का कार्य किया। चैतन्य को बंगाल में आधुनिक वैष्णववाद, जिसे गौडीय वैष्णव धर्म का संस्थापक माना जाता है। चैतन्य ने भक्ति में कीर्तन को मुख्य स्थान दिया। अत: केवल विकल्प (c) सही है।
C. रामानुज (1017-1137) वैष्णव संप्रदाय के महान संत एवं भक्ति आन्दोलन के प्रतिपादक थे। इन्होंने विशिष्टाद्वैत दर्शन का प्रतिपादन किया। शंकराचार्य स्मृति संप्रदाय के संत थे, इन्होंने अद्वैतवाद दर्शन का प्रतिपादन किया। रामानन्द उत्तर भारत के भक्ति आन्दोलन के प्रथम महान सन्त थे। इन्होंने दक्षिण और उत्तर भारत के भक्ति आन्दोलन के मध्य सेतु का कार्य किया। चैतन्य को बंगाल में आधुनिक वैष्णववाद, जिसे गौडीय वैष्णव धर्म का संस्थापक माना जाता है। चैतन्य ने भक्ति में कीर्तन को मुख्य स्थान दिया। अत: केवल विकल्प (c) सही है।

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रामानुज (1017-1137) वैष्णव संप्रदाय के महान संत एवं भक्ति आन्दोलन के प्रतिपादक थे। इन्होंने विशिष्टाद्वैत दर्शन का प्रतिपादन किया। शंकराचार्य स्मृति संप्रदाय के संत थे, इन्होंने अद्वैतवाद दर्शन का प्रतिपादन किया। रामानन्द उत्तर भारत के भक्ति आन्दोलन के प्रथम महान सन्त थे। इन्होंने दक्षिण और उत्तर भारत के भक्ति आन्दोलन के मध्य सेतु का कार्य किया। चैतन्य को बंगाल में आधुनिक वैष्णववाद, जिसे गौडीय वैष्णव धर्म का संस्थापक माना जाता है। चैतन्य ने भक्ति में कीर्तन को मुख्य स्थान दिया। अत: केवल विकल्प (c) सही है।