Explanations:
बौद्ध धर्म का सबसे अधिक प्रचार कोशल राज्य में हुआ था। इसकी राजधानी श्रावस्ती थी। यहाँ पर बुद्ध ने 21 वर्षा-वास (सर्वाधिक) किये। श्रावस्ती में ही अनाथपिण्डक नामक एक अत्यन्त धनी व्यापारी ने उनकी शिष्यता ग्रहण की तथा संघ के लिए जेतवन विहार को, 1.8 करोड़ स्वर्ण मुद्राओं में राजकुमार जेत से खरीदकर बुद्ध को प्रदान किया है। कोशल नरेश प्रसेनजित एवं अवन्ती नरेश प्रद्योत गौतमबुद्ध के समकालीन थे। प्रसेनजित ने अपने परिवार के साथ बुद्ध की शिष्यता ग्रहण की थी तथा संघ के लिए `पुब्बाराम' नामक विहार बनवाया था। कोशल राज्य में बुद्ध के सर्वाधिक अनुयायी बन गये थे। अत: दोनों कथन सही हैं किन्तु कथन A की सही व्याख्या R नहीं है।