search
Q: In which place of Garhwal region the first tea factory was setup in the year 1843?/ गढ़वाल क्षेत्र के किस स्थान पर सन् 1843 में चाय की फैक्ट्री लगाई गयी ?
  • A. Havalbag/हवलबाग
  • B. Lohaba/लोहबा
  • C. Gadoli/गडोली
  • D. None of these/उपर्युक्त में से कोई नहीं
Correct Answer: Option C - गढ़वाल क्षेत्र के गडोली में सर्वप्रथम 1843 में चाय फैक्ट्री स्थापित की गई थी। उत्तराखंड में चाय की खेती के संदर्भ में सर्वप्रथम 1824 में विशप हेबर ने लिखा। बैंटिक ने डॉ. बैलिच की अध्यक्षता में 1834 में एक कमेटी का गठन किया जो उत्तराखण्ड में चाय कृषि पर सुझाव दे। 1835 में जब अंग्रेजों ने कोलकाता से चाय के 2000 पौधों की खेप उत्तराखण्ड भेजी तो उन्हें भी यकीन नहीं रहा होगा कि धीरे-धीरे बड़े क्षेत्र में विस्तार ले लेगी।
C. गढ़वाल क्षेत्र के गडोली में सर्वप्रथम 1843 में चाय फैक्ट्री स्थापित की गई थी। उत्तराखंड में चाय की खेती के संदर्भ में सर्वप्रथम 1824 में विशप हेबर ने लिखा। बैंटिक ने डॉ. बैलिच की अध्यक्षता में 1834 में एक कमेटी का गठन किया जो उत्तराखण्ड में चाय कृषि पर सुझाव दे। 1835 में जब अंग्रेजों ने कोलकाता से चाय के 2000 पौधों की खेप उत्तराखण्ड भेजी तो उन्हें भी यकीन नहीं रहा होगा कि धीरे-धीरे बड़े क्षेत्र में विस्तार ले लेगी।

Explanations:

गढ़वाल क्षेत्र के गडोली में सर्वप्रथम 1843 में चाय फैक्ट्री स्थापित की गई थी। उत्तराखंड में चाय की खेती के संदर्भ में सर्वप्रथम 1824 में विशप हेबर ने लिखा। बैंटिक ने डॉ. बैलिच की अध्यक्षता में 1834 में एक कमेटी का गठन किया जो उत्तराखण्ड में चाय कृषि पर सुझाव दे। 1835 में जब अंग्रेजों ने कोलकाता से चाय के 2000 पौधों की खेप उत्तराखण्ड भेजी तो उन्हें भी यकीन नहीं रहा होगा कि धीरे-धीरे बड़े क्षेत्र में विस्तार ले लेगी।