Correct Answer:
Option B - इस शैली के चित्रों में मानवाकृतियाँ सवाचश्म हैं और एक ही ढंग से बनी हैं। इनकी नाक अनुपात में अधिक लंबी, नुकीली और परले गाल की सीमा रेखा से आगे निकली बनाई गई हैं। अपभ्रंश शैली में स्थिर और जकड़े हुए अंग प्रत्यंग बने है।
B. इस शैली के चित्रों में मानवाकृतियाँ सवाचश्म हैं और एक ही ढंग से बनी हैं। इनकी नाक अनुपात में अधिक लंबी, नुकीली और परले गाल की सीमा रेखा से आगे निकली बनाई गई हैं। अपभ्रंश शैली में स्थिर और जकड़े हुए अंग प्रत्यंग बने है।