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Q: निम्नलिखित में से मानव मस्तिष्क का वह हिस्सा कौन सा है जिसमें विचारों का संग्रह होता है?
  • A. अनु मस्तिष्क
  • B. सेरीबेलम
  • C. मध्य मस्तिष्क
  • D. अग्र मस्तिष्क
Correct Answer: Option D - मानव मस्तिष्क के तीन भाग होते हैं। (A) अग्र-मस्तिष्क (Fore brain), (B)मध्य मस्तिष्क (Mid-brain) एवं (C) पश्च मस्तिष्क (Hind brain)। मानव की अग्र-मस्तिष्क में तीन भाग (Three part in Fore brain) होते हैं– 1. घ्राण मस्तिष्क (olfactory brain) 2. प्रमस्तिष्क (cerebrum)–यह संपूर्ण मस्तिष्क का लगभग 80% होता है। 3. अग्र मस्तिष्क का उपखंड (Diencephalon)–यह अग्र मस्तिष्क का पिछला भाग होता है। इसकी मध्य रेखा पर एक उंगली के समान उभार पीनियल पित्त (Pineal stalk) होता है, जिसके सिरे पर अंत:स्रावी ग्रन्थि ‘पीनियल काय’ होती है। मानव में अग्र मस्तिष्क अति विकसित होता है एवं समस्त बुद्धि, चेतना, इच्छाशक्ति, ज्ञान, स्मृति, वाणी, चिंतन एवं विचार संग्रह का केंद्र होता है। अत: यही पढ़ने लिखने, बोलने, सोचने समझने, भविष्य नियोजन आदि की क्षमता प्रदान करता है। अग्र मस्तिष्क हंसने, रोने, मलमूत्र त्याग आदि प्रतिवर्ती क्रियाओं का भी नियंत्रण करता है। यह संवेदी सूचनाओं के प्रसारण केन्द्र का कार्य भी करता है, इनमें श्रवण, दृष्टि, स्वाद, स्पर्श, ताप, दाब आदि की सूचनाएँ होती हैं।
D. मानव मस्तिष्क के तीन भाग होते हैं। (A) अग्र-मस्तिष्क (Fore brain), (B)मध्य मस्तिष्क (Mid-brain) एवं (C) पश्च मस्तिष्क (Hind brain)। मानव की अग्र-मस्तिष्क में तीन भाग (Three part in Fore brain) होते हैं– 1. घ्राण मस्तिष्क (olfactory brain) 2. प्रमस्तिष्क (cerebrum)–यह संपूर्ण मस्तिष्क का लगभग 80% होता है। 3. अग्र मस्तिष्क का उपखंड (Diencephalon)–यह अग्र मस्तिष्क का पिछला भाग होता है। इसकी मध्य रेखा पर एक उंगली के समान उभार पीनियल पित्त (Pineal stalk) होता है, जिसके सिरे पर अंत:स्रावी ग्रन्थि ‘पीनियल काय’ होती है। मानव में अग्र मस्तिष्क अति विकसित होता है एवं समस्त बुद्धि, चेतना, इच्छाशक्ति, ज्ञान, स्मृति, वाणी, चिंतन एवं विचार संग्रह का केंद्र होता है। अत: यही पढ़ने लिखने, बोलने, सोचने समझने, भविष्य नियोजन आदि की क्षमता प्रदान करता है। अग्र मस्तिष्क हंसने, रोने, मलमूत्र त्याग आदि प्रतिवर्ती क्रियाओं का भी नियंत्रण करता है। यह संवेदी सूचनाओं के प्रसारण केन्द्र का कार्य भी करता है, इनमें श्रवण, दृष्टि, स्वाद, स्पर्श, ताप, दाब आदि की सूचनाएँ होती हैं।

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मानव मस्तिष्क के तीन भाग होते हैं। (A) अग्र-मस्तिष्क (Fore brain), (B)मध्य मस्तिष्क (Mid-brain) एवं (C) पश्च मस्तिष्क (Hind brain)। मानव की अग्र-मस्तिष्क में तीन भाग (Three part in Fore brain) होते हैं– 1. घ्राण मस्तिष्क (olfactory brain) 2. प्रमस्तिष्क (cerebrum)–यह संपूर्ण मस्तिष्क का लगभग 80% होता है। 3. अग्र मस्तिष्क का उपखंड (Diencephalon)–यह अग्र मस्तिष्क का पिछला भाग होता है। इसकी मध्य रेखा पर एक उंगली के समान उभार पीनियल पित्त (Pineal stalk) होता है, जिसके सिरे पर अंत:स्रावी ग्रन्थि ‘पीनियल काय’ होती है। मानव में अग्र मस्तिष्क अति विकसित होता है एवं समस्त बुद्धि, चेतना, इच्छाशक्ति, ज्ञान, स्मृति, वाणी, चिंतन एवं विचार संग्रह का केंद्र होता है। अत: यही पढ़ने लिखने, बोलने, सोचने समझने, भविष्य नियोजन आदि की क्षमता प्रदान करता है। अग्र मस्तिष्क हंसने, रोने, मलमूत्र त्याग आदि प्रतिवर्ती क्रियाओं का भी नियंत्रण करता है। यह संवेदी सूचनाओं के प्रसारण केन्द्र का कार्य भी करता है, इनमें श्रवण, दृष्टि, स्वाद, स्पर्श, ताप, दाब आदि की सूचनाएँ होती हैं।