Correct Answer:
Option A - जैन धर्म के संस्थापक एवं प्रथम तीर्थंकर ऋषभदेव थे। महावीर स्वामी जैन धर्म के 24 वें तीर्थंकर हैं।
• जैन धर्म अनीश्वरवादी है। यह ईश्वर तथा वेदों की सत्ता में विश्वास नही रखता है।
• जैन अनुयायी अहिंसा में विश्वास करते हैं।
• जैन धर्म में कर्म की प्रधानता दी गई है।
• जैन धर्म आत्मा के अस्तित्व को स्वीकार करता है।
A. जैन धर्म के संस्थापक एवं प्रथम तीर्थंकर ऋषभदेव थे। महावीर स्वामी जैन धर्म के 24 वें तीर्थंकर हैं।
• जैन धर्म अनीश्वरवादी है। यह ईश्वर तथा वेदों की सत्ता में विश्वास नही रखता है।
• जैन अनुयायी अहिंसा में विश्वास करते हैं।
• जैन धर्म में कर्म की प्रधानता दी गई है।
• जैन धर्म आत्मा के अस्तित्व को स्वीकार करता है।