Correct Answer:
Option B - बाहों का प्रभावी उपयोग, हाथों का उपयोग करने की क्षमता से पहले हाता है। यह उदाहरण विकास के समीप दूरीभिमुखी/ अधोगामी सिद्धान्त को दर्शाता है। इसके अनुसार विकास निकट से दूर की ओर क्रम का अनुसरण करता है। इसके अनुसार पहले केन्द्र में स्थित अंगों की रचना व नियंत्रण होता है। यही कारण है कि बालक पहले हाथ व पैर की मांशपेशियों पर नियंत्रण करना सीखता है तथा बाद में अंगुलियों के संचालन में निपुण होता है। इसमें विकास शरीर के मध्य से बाहर की ओर भी होता है।
B. बाहों का प्रभावी उपयोग, हाथों का उपयोग करने की क्षमता से पहले हाता है। यह उदाहरण विकास के समीप दूरीभिमुखी/ अधोगामी सिद्धान्त को दर्शाता है। इसके अनुसार विकास निकट से दूर की ओर क्रम का अनुसरण करता है। इसके अनुसार पहले केन्द्र में स्थित अंगों की रचना व नियंत्रण होता है। यही कारण है कि बालक पहले हाथ व पैर की मांशपेशियों पर नियंत्रण करना सीखता है तथा बाद में अंगुलियों के संचालन में निपुण होता है। इसमें विकास शरीर के मध्य से बाहर की ओर भी होता है।