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Q: निम्नलिखित में से कौन-सा उदाहरण विकास के समीप दूरीभिमुखी/अधोगामी सिद्धांत को दर्शाता है?
  • A. चलना सीखने से पहले दृश्य क्षमताओं का विकास होता है।
  • B. बाहों का प्रभावी उपयोग हाथों का उपयोग करने की क्षमता से पहले होता है।
  • C. व्यक्तिगत उँगलियों की गति को एकीकृत करना सीखने से पहले उँगली पकड़ने में महारत हासिल नहीं की जा सकती है।
  • D. शरीर के आकार, तंत्रिका तंत्र के विकास की क्रम व गति अलग-अलग होती है।
Correct Answer: Option B - बाहों का प्रभावी उपयोग, हाथों का उपयोग करने की क्षमता से पहले हाता है। यह उदाहरण विकास के समीप दूरीभिमुखी/ अधोगामी सिद्धान्त को दर्शाता है। इसके अनुसार विकास निकट से दूर की ओर क्रम का अनुसरण करता है। इसके अनुसार पहले केन्द्र में स्थित अंगों की रचना व नियंत्रण होता है। यही कारण है कि बालक पहले हाथ व पैर की मांशपेशियों पर नियंत्रण करना सीखता है तथा बाद में अंगुलियों के संचालन में निपुण होता है। इसमें विकास शरीर के मध्य से बाहर की ओर भी होता है।
B. बाहों का प्रभावी उपयोग, हाथों का उपयोग करने की क्षमता से पहले हाता है। यह उदाहरण विकास के समीप दूरीभिमुखी/ अधोगामी सिद्धान्त को दर्शाता है। इसके अनुसार विकास निकट से दूर की ओर क्रम का अनुसरण करता है। इसके अनुसार पहले केन्द्र में स्थित अंगों की रचना व नियंत्रण होता है। यही कारण है कि बालक पहले हाथ व पैर की मांशपेशियों पर नियंत्रण करना सीखता है तथा बाद में अंगुलियों के संचालन में निपुण होता है। इसमें विकास शरीर के मध्य से बाहर की ओर भी होता है।

Explanations:

बाहों का प्रभावी उपयोग, हाथों का उपयोग करने की क्षमता से पहले हाता है। यह उदाहरण विकास के समीप दूरीभिमुखी/ अधोगामी सिद्धान्त को दर्शाता है। इसके अनुसार विकास निकट से दूर की ओर क्रम का अनुसरण करता है। इसके अनुसार पहले केन्द्र में स्थित अंगों की रचना व नियंत्रण होता है। यही कारण है कि बालक पहले हाथ व पैर की मांशपेशियों पर नियंत्रण करना सीखता है तथा बाद में अंगुलियों के संचालन में निपुण होता है। इसमें विकास शरीर के मध्य से बाहर की ओर भी होता है।