Correct Answer:
Option D - भानुदत्त की एक सचित्र प्रति `रसमंजरी' (1694-95 ई.) तैयार हुई थी, जो इस शैली (बसोहली शैली) की सबसे पहली चित्रित प्रति है। भारत कला भवन, वाराणसी के संगृहीत लेख पत्र से ज्ञात होता है कि इस प्रति का निर्माण चित्रकार `देवीदास' ने `कृपाल पाल' के लिए किया था।
D. भानुदत्त की एक सचित्र प्रति `रसमंजरी' (1694-95 ई.) तैयार हुई थी, जो इस शैली (बसोहली शैली) की सबसे पहली चित्रित प्रति है। भारत कला भवन, वाराणसी के संगृहीत लेख पत्र से ज्ञात होता है कि इस प्रति का निर्माण चित्रकार `देवीदास' ने `कृपाल पाल' के लिए किया था।