Correct Answer:
Option A - फोटोवोल्टाइक प्रभाव सौर ऊर्जा प्रणालियों से संबंधित है। फोटोवोल्टिक प्रभाव वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा फोल्टोवोल्टिक सेल अवशोषित प्रकाश ऊर्जा (सूर्य) को विद्युत में परिवर्तित करती है। यह प्रणाली जीरो कार्बन उत्सर्जन के सिद्धांत पर कार्य करती है जो पर्यावरण के लिए अत्यंत लाभकारी है।
A. फोटोवोल्टाइक प्रभाव सौर ऊर्जा प्रणालियों से संबंधित है। फोटोवोल्टिक प्रभाव वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा फोल्टोवोल्टिक सेल अवशोषित प्रकाश ऊर्जा (सूर्य) को विद्युत में परिवर्तित करती है। यह प्रणाली जीरो कार्बन उत्सर्जन के सिद्धांत पर कार्य करती है जो पर्यावरण के लिए अत्यंत लाभकारी है।