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Q: निम्नलिखित में से कौन सी औपन्यासिक कृति ‘‘घनीभूत वेदना की केवल एक रात में देखे हुए विजन (vision) को शब्दबद्ध करने का प्रयत्न है’’?
  • A. ‘भूले-बिसरे चित्र’
  • B. ‘अनामदास का पोथा’
  • C. ‘अपने-अपने अजनबी’
  • D. ‘शेखर : एक जीवनी’
Correct Answer: Option B - व्याख्या ‘शेखर एक जीवनी’ नामक औपन्यासिक कृति धनीभूत वेदना की केवल एक रात में देखे हुए विजन (Vision) को शब्दबद्ध करने का प्रयत्न है। शेखर एक जीवनी अज्ञेय का उपन्यास है, जबकि ‘भूले-बिसरे चित्र’ भगवती चरण वर्मा द्वारा ‘अनामदास का पोथा’ हजारी प्रसाद द्विवेदी द्वारा तथा ‘अपने-अपने अजनबी’ अज्ञेय द्वारा रचित उपन्यास है।
B. व्याख्या ‘शेखर एक जीवनी’ नामक औपन्यासिक कृति धनीभूत वेदना की केवल एक रात में देखे हुए विजन (Vision) को शब्दबद्ध करने का प्रयत्न है। शेखर एक जीवनी अज्ञेय का उपन्यास है, जबकि ‘भूले-बिसरे चित्र’ भगवती चरण वर्मा द्वारा ‘अनामदास का पोथा’ हजारी प्रसाद द्विवेदी द्वारा तथा ‘अपने-अपने अजनबी’ अज्ञेय द्वारा रचित उपन्यास है।

Explanations:

व्याख्या ‘शेखर एक जीवनी’ नामक औपन्यासिक कृति धनीभूत वेदना की केवल एक रात में देखे हुए विजन (Vision) को शब्दबद्ध करने का प्रयत्न है। शेखर एक जीवनी अज्ञेय का उपन्यास है, जबकि ‘भूले-बिसरे चित्र’ भगवती चरण वर्मा द्वारा ‘अनामदास का पोथा’ हजारी प्रसाद द्विवेदी द्वारा तथा ‘अपने-अपने अजनबी’ अज्ञेय द्वारा रचित उपन्यास है।