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Q: ‘‘चिन्ताजडं दर्शनम्’’ यहाँ चिन्तातुर स्वरूप किसका है?
  • A. काश्यप का
  • B. गौतम का
  • C. विश्वामित्र का
  • D. शारद्वत का
Correct Answer: Option A - ‘‘चिन्ताजडं दर्शनम्’’ यहाँ चिन्तातुर स्वरूप काश्यप का है । शकुन्तला के पतिगृह गमन पर काश्यप का कण्ठ रूँध गया तथा दृष्टि निश्चेष्ट हो गयी, एवं उनका स्वरूप चिन्ता से आतुर हो गया है।
A. ‘‘चिन्ताजडं दर्शनम्’’ यहाँ चिन्तातुर स्वरूप काश्यप का है । शकुन्तला के पतिगृह गमन पर काश्यप का कण्ठ रूँध गया तथा दृष्टि निश्चेष्ट हो गयी, एवं उनका स्वरूप चिन्ता से आतुर हो गया है।

Explanations:

‘‘चिन्ताजडं दर्शनम्’’ यहाँ चिन्तातुर स्वरूप काश्यप का है । शकुन्तला के पतिगृह गमन पर काश्यप का कण्ठ रूँध गया तथा दृष्टि निश्चेष्ट हो गयी, एवं उनका स्वरूप चिन्ता से आतुर हो गया है।