Correct Answer:
Option B - 1857 ई. के विद्रोह में लखनऊ (4 जून 1857) में बेगम हजरत महल ने नेतृत्व सँभाला था। जहाँ अपदस्थ नवाब के प्रति लोगों में गहरी सहानुभूति थी। हजरत महल ने अपने बेटे बिरजिस कादिर को वहाँ का नवाब घोषित कर दिया और अपना प्रशासन स्थापित किया। सारे महत्वपूर्ण पदों पर मुसलमान एवं हिन्दुओं को नियुक्त किया। बेगम हजरत महल को ‘महक परी’ की पदवी दी गयी थी।
B. 1857 ई. के विद्रोह में लखनऊ (4 जून 1857) में बेगम हजरत महल ने नेतृत्व सँभाला था। जहाँ अपदस्थ नवाब के प्रति लोगों में गहरी सहानुभूति थी। हजरत महल ने अपने बेटे बिरजिस कादिर को वहाँ का नवाब घोषित कर दिया और अपना प्रशासन स्थापित किया। सारे महत्वपूर्ण पदों पर मुसलमान एवं हिन्दुओं को नियुक्त किया। बेगम हजरत महल को ‘महक परी’ की पदवी दी गयी थी।