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Q: निम्नलिखित में से कौन सा ग्रंथ वैदिक साहित्य का हिस्सा नहीं है?
  • A. ब्राह्मण
  • B. आरण्यक
  • C. पिटक
  • D. उपनिषद
Correct Answer: Option C - वेद हिन्दू धर्म के आधारभूत ग्रन्थ हैं, जिनकी संख्या चार है 1. ऋग्वेद, 2. यजुर्वेद, 3. अथर्ववेद, 4. सामवेद। इन सभी वेदों के ब्राह्मण, आरण्यक तथा उपनिषद है। चारों वैदिक संहिताएँ तथा इनके ब्राह्मण, आरण्यक तथा उपनिषद् मिलाकर वैदिक साहित्य कहलाते हैं, जबकि पिटक बौद्ध धर्म की प्रमुख पुस्तक हैं। बौध धर्म में पिटकों का वेदों (हिन्दू धर्म में) के समान ही महत्व है। पिटक तीन है- 1. विनय पिटक: बौद्ध धर्म व संघ के नियमों का संकलन: 2. सुत्त पिटक: बौद्ध धर्म के सिद्धांतो का संकलन, 3. अभिधम्म पिटक: इसमें दार्शनिक क्रिया कलापों की व्याख्या की गई है।
C. वेद हिन्दू धर्म के आधारभूत ग्रन्थ हैं, जिनकी संख्या चार है 1. ऋग्वेद, 2. यजुर्वेद, 3. अथर्ववेद, 4. सामवेद। इन सभी वेदों के ब्राह्मण, आरण्यक तथा उपनिषद है। चारों वैदिक संहिताएँ तथा इनके ब्राह्मण, आरण्यक तथा उपनिषद् मिलाकर वैदिक साहित्य कहलाते हैं, जबकि पिटक बौद्ध धर्म की प्रमुख पुस्तक हैं। बौध धर्म में पिटकों का वेदों (हिन्दू धर्म में) के समान ही महत्व है। पिटक तीन है- 1. विनय पिटक: बौद्ध धर्म व संघ के नियमों का संकलन: 2. सुत्त पिटक: बौद्ध धर्म के सिद्धांतो का संकलन, 3. अभिधम्म पिटक: इसमें दार्शनिक क्रिया कलापों की व्याख्या की गई है।

Explanations:

वेद हिन्दू धर्म के आधारभूत ग्रन्थ हैं, जिनकी संख्या चार है 1. ऋग्वेद, 2. यजुर्वेद, 3. अथर्ववेद, 4. सामवेद। इन सभी वेदों के ब्राह्मण, आरण्यक तथा उपनिषद है। चारों वैदिक संहिताएँ तथा इनके ब्राह्मण, आरण्यक तथा उपनिषद् मिलाकर वैदिक साहित्य कहलाते हैं, जबकि पिटक बौद्ध धर्म की प्रमुख पुस्तक हैं। बौध धर्म में पिटकों का वेदों (हिन्दू धर्म में) के समान ही महत्व है। पिटक तीन है- 1. विनय पिटक: बौद्ध धर्म व संघ के नियमों का संकलन: 2. सुत्त पिटक: बौद्ध धर्म के सिद्धांतो का संकलन, 3. अभिधम्म पिटक: इसमें दार्शनिक क्रिया कलापों की व्याख्या की गई है।