Explanations:
मनोविज्ञानी हॉॅवर्ड गार्डनर ने बहु-बुद्धि सिद्धान्त प्रतिपादित किया था। इन्होंने बहु-बुद्धि परीक्षण के लिए प्रक्रिया का वर्णन किया था जिसके अनुसार प्रतिभाशाली विद्यार्थी लगभग हर क्षेत्र में अपनी विशिष्टता प्रदर्शित करते हैं न कि किसी एक क्षेत्र में।