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Q: निम्नलिखित में से कौन नंद वंश का अंतिम शासक था?
  • A. घनानंद
  • B. पांडुका
  • C. गोविषाणक
  • D. कैवर्त
Correct Answer: Option A - नंद वंश का संस्थापक महापद्मनंद था। पुराणों में महापद्मनंद को सर्वक्षत्रांतक (क्षत्रियों का नाश करने वाला) तथा भार्गव (परशुराम का अवतार) कहा गया है उसने ‘एकराट’ और ‘एकच्छत्र’ की उपाधि धारण की। महापद्मनंद के आठ पुत्रों में घनानंद नंद वंश का अंतिम शासक था। इसी के समय सिकन्दर (325 ई.पू.) ने पश्चिमोत्तर भारत पर आक्रमण किया था। ग्रीक लेखकों ने घनानंद को ‘अग्रमीज’ कहा है। 322 ई.पू. में चन्द्रगुप्त मौर्य ने अपने गुरु चाणक्य की सहायता से घनानंद की हत्या कर मौर्यवंश के शासन की नीव डाली।
A. नंद वंश का संस्थापक महापद्मनंद था। पुराणों में महापद्मनंद को सर्वक्षत्रांतक (क्षत्रियों का नाश करने वाला) तथा भार्गव (परशुराम का अवतार) कहा गया है उसने ‘एकराट’ और ‘एकच्छत्र’ की उपाधि धारण की। महापद्मनंद के आठ पुत्रों में घनानंद नंद वंश का अंतिम शासक था। इसी के समय सिकन्दर (325 ई.पू.) ने पश्चिमोत्तर भारत पर आक्रमण किया था। ग्रीक लेखकों ने घनानंद को ‘अग्रमीज’ कहा है। 322 ई.पू. में चन्द्रगुप्त मौर्य ने अपने गुरु चाणक्य की सहायता से घनानंद की हत्या कर मौर्यवंश के शासन की नीव डाली।

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नंद वंश का संस्थापक महापद्मनंद था। पुराणों में महापद्मनंद को सर्वक्षत्रांतक (क्षत्रियों का नाश करने वाला) तथा भार्गव (परशुराम का अवतार) कहा गया है उसने ‘एकराट’ और ‘एकच्छत्र’ की उपाधि धारण की। महापद्मनंद के आठ पुत्रों में घनानंद नंद वंश का अंतिम शासक था। इसी के समय सिकन्दर (325 ई.पू.) ने पश्चिमोत्तर भारत पर आक्रमण किया था। ग्रीक लेखकों ने घनानंद को ‘अग्रमीज’ कहा है। 322 ई.पू. में चन्द्रगुप्त मौर्य ने अपने गुरु चाणक्य की सहायता से घनानंद की हत्या कर मौर्यवंश के शासन की नीव डाली।