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Q: निम्नलिखित में किसने 1899 में ‘कलकत्ता कारपोरेशन एक्ट’ पारित किया?
  • A. लार्ड डफरिन
  • B. लार्ड कर्जन
  • C. लार्ड रिपन
  • D. लार्ड मिन्टो
Correct Answer: Option B - लार्ड कर्जन ने 1899 ई. में कलकत्ता कॉरपोरेशन एक्ट (कलकत्ता निगम अधिनियम) को पारित किया था। इस अधिनियम के द्वारा स्थानीय स्वशासन के क्षेत्र में लॉर्डरिपन द्वारा किए गए समस्त उत्तम कार्यों को लॉर्ड कर्जन ने कार्यकुशलता की आड़ में समाप्त कर दिया। इसके द्वारा निर्वाचित विधायिकाओं की संख्या को कम कर दिया और भारतीयों को स्वशासन से वंचित करने के लिए मनोनीत अधिकारियों की संख्या में वृद्धि की। इसके विरोध में कॉर्पोरेशन के 28 सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया तथा बाद में यह अंग्रेजों और एंग्लो-इंडियन के बहुमत के साथ एक सरकारी विभाग बन गया। महत्त्वपूर्ण तथ्य- 1905 ई. में बंगाल विभाजन 1899-1900 ई. में अकाल आयोग, 1900 ई. में पंजाब भूमि हस्तांतरण अधिनियम 1904 में सहकारी उधार समिति अधिनियम, आदि कर्जन के समय पारित हुए।
B. लार्ड कर्जन ने 1899 ई. में कलकत्ता कॉरपोरेशन एक्ट (कलकत्ता निगम अधिनियम) को पारित किया था। इस अधिनियम के द्वारा स्थानीय स्वशासन के क्षेत्र में लॉर्डरिपन द्वारा किए गए समस्त उत्तम कार्यों को लॉर्ड कर्जन ने कार्यकुशलता की आड़ में समाप्त कर दिया। इसके द्वारा निर्वाचित विधायिकाओं की संख्या को कम कर दिया और भारतीयों को स्वशासन से वंचित करने के लिए मनोनीत अधिकारियों की संख्या में वृद्धि की। इसके विरोध में कॉर्पोरेशन के 28 सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया तथा बाद में यह अंग्रेजों और एंग्लो-इंडियन के बहुमत के साथ एक सरकारी विभाग बन गया। महत्त्वपूर्ण तथ्य- 1905 ई. में बंगाल विभाजन 1899-1900 ई. में अकाल आयोग, 1900 ई. में पंजाब भूमि हस्तांतरण अधिनियम 1904 में सहकारी उधार समिति अधिनियम, आदि कर्जन के समय पारित हुए।

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लार्ड कर्जन ने 1899 ई. में कलकत्ता कॉरपोरेशन एक्ट (कलकत्ता निगम अधिनियम) को पारित किया था। इस अधिनियम के द्वारा स्थानीय स्वशासन के क्षेत्र में लॉर्डरिपन द्वारा किए गए समस्त उत्तम कार्यों को लॉर्ड कर्जन ने कार्यकुशलता की आड़ में समाप्त कर दिया। इसके द्वारा निर्वाचित विधायिकाओं की संख्या को कम कर दिया और भारतीयों को स्वशासन से वंचित करने के लिए मनोनीत अधिकारियों की संख्या में वृद्धि की। इसके विरोध में कॉर्पोरेशन के 28 सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया तथा बाद में यह अंग्रेजों और एंग्लो-इंडियन के बहुमत के साथ एक सरकारी विभाग बन गया। महत्त्वपूर्ण तथ्य- 1905 ई. में बंगाल विभाजन 1899-1900 ई. में अकाल आयोग, 1900 ई. में पंजाब भूमि हस्तांतरण अधिनियम 1904 में सहकारी उधार समिति अधिनियम, आदि कर्जन के समय पारित हुए।