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Q: निम्नलिखित में कौन एक ‘आत्मीय सभा’ से नहीं जुड़ा था?
  • A. द्वारका नाथ टैगोर
  • B. हरिहरानन्द तीर्थ स्वामी
  • C. नंद किशोर बोस
  • D. केशव चन्द्र सेन
Correct Answer: Option D - 1815 ई. में हिन्दू धर्म के एकेश्वरवादी मत के प्रचार हेतु राजा राम मोहन राय ने आत्मीय सभा का गठन किया। जिसमें द्वारिका नाथ ठाकुर, हरिहरानन्द तीर्थ स्वामी, नंद किशोर बोस शामिल थे। इसके बाद 1816 ई. में वेदान्त सोसायटी की स्थापना की। राजा राम मोहन राय को नवजागरण का अग्रदूत कहा जाता है। इन्होंने ब्रह्म समाज की स्थापना की थी। केशव चन्द्र सेन ब्रह्म समाज से जुड़े थे जिन्होंने आगे ब्रह्म समाज से अलग होकर ‘भारतीय ब्रह्म समाज’ की स्थापना की।
D. 1815 ई. में हिन्दू धर्म के एकेश्वरवादी मत के प्रचार हेतु राजा राम मोहन राय ने आत्मीय सभा का गठन किया। जिसमें द्वारिका नाथ ठाकुर, हरिहरानन्द तीर्थ स्वामी, नंद किशोर बोस शामिल थे। इसके बाद 1816 ई. में वेदान्त सोसायटी की स्थापना की। राजा राम मोहन राय को नवजागरण का अग्रदूत कहा जाता है। इन्होंने ब्रह्म समाज की स्थापना की थी। केशव चन्द्र सेन ब्रह्म समाज से जुड़े थे जिन्होंने आगे ब्रह्म समाज से अलग होकर ‘भारतीय ब्रह्म समाज’ की स्थापना की।

Explanations:

1815 ई. में हिन्दू धर्म के एकेश्वरवादी मत के प्रचार हेतु राजा राम मोहन राय ने आत्मीय सभा का गठन किया। जिसमें द्वारिका नाथ ठाकुर, हरिहरानन्द तीर्थ स्वामी, नंद किशोर बोस शामिल थे। इसके बाद 1816 ई. में वेदान्त सोसायटी की स्थापना की। राजा राम मोहन राय को नवजागरण का अग्रदूत कहा जाता है। इन्होंने ब्रह्म समाज की स्थापना की थी। केशव चन्द्र सेन ब्रह्म समाज से जुड़े थे जिन्होंने आगे ब्रह्म समाज से अलग होकर ‘भारतीय ब्रह्म समाज’ की स्थापना की।