search
Q: निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सभी अनाजों, दालों एवं तिलहनों का ‘न्यूनतम समर्थन मूल्य’ (MSP) पर प्रापण (खरीद) भारत के किसी भी राज्य/केन्द्र-शासित प्रदेश (यू.टी.) में असीमित होता है। 2. अनाजों एवं दालों का MSP किसी भी राज्य/केन्द्र-शासित प्रदेश में उस स्तर पर निर्धारित किया जाता है जिस स्तर पर बा़जार मूल्य कभी नहीं पहुँच पाते। उपर्युक्त कथनो में से कौन-सा/से सही है/हैं?
  • A. केवल 1
  • B. केवल 2
  • C. 1 और 2 दोनों
  • D. न तो 1, न ही 2
Correct Answer: Option D - न्यूनतम समर्थन मूल्य वह न्यूनतम मूल्य होता है जिस पर सरकार किसानों द्वारा बेचे जाने वाले अनाज की पूरी मात्रा क्रय करने के लिए तैयार रहती है। सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य की घोषणा फसल बोने से पहले करती है। भारत सरकार खरीद नीति के संबंध में मुक्त-खरीद नीति का पालन करती है, चूँकि भारत सरकार का खाद्यान्न का बफर स्टॉक सीमित है इसलिए कोई भी राज्य/केन्द्रशासित राज्य न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अनाजों, दलहनों एवं तिलहनों की असीमित खरीद नहीं कर सकता है। कृषि उत्पादों का न्यूनतम समर्थन मूल्य केन्द्र सरकार द्वारा कृषि लागत एवं मूल्य आयोग के माध्यम से निर्धारित किया जाता है। मूल्य निर्धारण राज्य स्तर पर नहीं होता है।
D. न्यूनतम समर्थन मूल्य वह न्यूनतम मूल्य होता है जिस पर सरकार किसानों द्वारा बेचे जाने वाले अनाज की पूरी मात्रा क्रय करने के लिए तैयार रहती है। सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य की घोषणा फसल बोने से पहले करती है। भारत सरकार खरीद नीति के संबंध में मुक्त-खरीद नीति का पालन करती है, चूँकि भारत सरकार का खाद्यान्न का बफर स्टॉक सीमित है इसलिए कोई भी राज्य/केन्द्रशासित राज्य न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अनाजों, दलहनों एवं तिलहनों की असीमित खरीद नहीं कर सकता है। कृषि उत्पादों का न्यूनतम समर्थन मूल्य केन्द्र सरकार द्वारा कृषि लागत एवं मूल्य आयोग के माध्यम से निर्धारित किया जाता है। मूल्य निर्धारण राज्य स्तर पर नहीं होता है।

Explanations:

न्यूनतम समर्थन मूल्य वह न्यूनतम मूल्य होता है जिस पर सरकार किसानों द्वारा बेचे जाने वाले अनाज की पूरी मात्रा क्रय करने के लिए तैयार रहती है। सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य की घोषणा फसल बोने से पहले करती है। भारत सरकार खरीद नीति के संबंध में मुक्त-खरीद नीति का पालन करती है, चूँकि भारत सरकार का खाद्यान्न का बफर स्टॉक सीमित है इसलिए कोई भी राज्य/केन्द्रशासित राज्य न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अनाजों, दलहनों एवं तिलहनों की असीमित खरीद नहीं कर सकता है। कृषि उत्पादों का न्यूनतम समर्थन मूल्य केन्द्र सरकार द्वारा कृषि लागत एवं मूल्य आयोग के माध्यम से निर्धारित किया जाता है। मूल्य निर्धारण राज्य स्तर पर नहीं होता है।