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Q: निम्नलिखित कथनों में से कौन-से सही है? 1. गोंडवाना तंत्र के अवसाद समुद्री दशा में निक्षेपित हुए थे। 2. गोंडवाना तंत्र के शैल जीवाश्ममय हैं। 3. गोंडवाना तंत्र के शैलों में धात्विक खनिज निक्षेप होते हैं। 4. गोंडवाना निक्षेप अवभ्रंशी द्रोणिका में हुए हैं। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए
  • A. 1, 2 और 3
  • B. 1, 2 और 4
  • C. केवल 2 और 4
  • D. केवल 1 और 3
Correct Answer: Option C - गोंडवाना क्रम के शैल तंत्र का निर्माण ऊपरी कार्बोनीफेरस युग से जुरैसिक युग के बीच हुआ। भारत का 98% कोयला इन्हीं शैल तंत्रों से प्राप्त किया जाता है। इनमें मछलियां व रेंगने वाले जीवों के अवशेष मिलते हैं अर्थात् ये शैल जीवाश्ममय है। दामोदर, महानदी और गोदावरी व उसकी सहायक नदियों तथा कच्छ काठियावाड़ एवं पश्चिमी राजस्थान में इन चट्टानों का सर्वोत्तम रूप मिलता है। गोंडवाना निक्षेप अवभ्रंशी द्रोणिका में हुए हैं। गोंडवाना युग में प्रायद्वीपीय भाग में दरारों तथा भ्रंशों का निर्माण हुआ था। यह ‘बिटुमिनस कोयला’ के भण्डार की दृष्टि से भारत की सर्वाधिक महत्वपूर्ण संरचना है।
C. गोंडवाना क्रम के शैल तंत्र का निर्माण ऊपरी कार्बोनीफेरस युग से जुरैसिक युग के बीच हुआ। भारत का 98% कोयला इन्हीं शैल तंत्रों से प्राप्त किया जाता है। इनमें मछलियां व रेंगने वाले जीवों के अवशेष मिलते हैं अर्थात् ये शैल जीवाश्ममय है। दामोदर, महानदी और गोदावरी व उसकी सहायक नदियों तथा कच्छ काठियावाड़ एवं पश्चिमी राजस्थान में इन चट्टानों का सर्वोत्तम रूप मिलता है। गोंडवाना निक्षेप अवभ्रंशी द्रोणिका में हुए हैं। गोंडवाना युग में प्रायद्वीपीय भाग में दरारों तथा भ्रंशों का निर्माण हुआ था। यह ‘बिटुमिनस कोयला’ के भण्डार की दृष्टि से भारत की सर्वाधिक महत्वपूर्ण संरचना है।

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गोंडवाना क्रम के शैल तंत्र का निर्माण ऊपरी कार्बोनीफेरस युग से जुरैसिक युग के बीच हुआ। भारत का 98% कोयला इन्हीं शैल तंत्रों से प्राप्त किया जाता है। इनमें मछलियां व रेंगने वाले जीवों के अवशेष मिलते हैं अर्थात् ये शैल जीवाश्ममय है। दामोदर, महानदी और गोदावरी व उसकी सहायक नदियों तथा कच्छ काठियावाड़ एवं पश्चिमी राजस्थान में इन चट्टानों का सर्वोत्तम रूप मिलता है। गोंडवाना निक्षेप अवभ्रंशी द्रोणिका में हुए हैं। गोंडवाना युग में प्रायद्वीपीय भाग में दरारों तथा भ्रंशों का निर्माण हुआ था। यह ‘बिटुमिनस कोयला’ के भण्डार की दृष्टि से भारत की सर्वाधिक महत्वपूर्ण संरचना है।