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Q: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा गणितीय निदर्शन (मॉडलिंग) से न्यूनतम संबंधित है?
  • A. दैनिक जीवन में समस्याओं के समाधान के लिए गणित का उपयोग करना।
  • B. समस्या के सरलीकरण के लिए अनुमान लगाना और सन्निकटीकरण करना।
  • C. महत्त्वपूर्ण मात्राओं की पहचान करना तथा उनके संबंधों को ज्ञात करने के लिए साधनों या निरूपण का उपयोग करना।
  • D. गणित की कक्षा में अमूर्त प्रतिरूपों का शिक्षण-अधिगम सामग्री के रूप में उपयोग करना।
Correct Answer: Option D - गणितीय निदर्शन (प्रतिरूप) एक गणितीय संबंध होता है जो वास्तविक जीवन से जुड़ी किसी स्थिति की व्याख्या करता है। गणितीय निदर्शन (मॉडलिंग) से संबंधित तथ्य है। (1) दैनिक जीवन में समस्याओं के समाधान के लिए गणित का उपयोग करना। (2) समस्या के सरलीकरण के लिए अनुमान लगाना और सन्निकटीकरण करना। (3) महत्त्वपूर्ण मात्राओं की पहचान करना तथा उनके संबंधों को ज्ञात करने के लिए साधनों या निरूपण का उपयोग करना। अत: उपर्युक्त प्रश्नानुसार गणित की कक्षा में अमूर्त प्रतिरूपों का शिक्षण-अधिगम सामग्री के रूप में उपयोग करना न्यूनतम संबंधित है। क्योंकि अमूर्त वह होता है जो दिखाई नही देता बल्कि एक काल्पनिक है जो कि यह शिक्षण अधिगम की सामग्री में नही आयेगा।
D. गणितीय निदर्शन (प्रतिरूप) एक गणितीय संबंध होता है जो वास्तविक जीवन से जुड़ी किसी स्थिति की व्याख्या करता है। गणितीय निदर्शन (मॉडलिंग) से संबंधित तथ्य है। (1) दैनिक जीवन में समस्याओं के समाधान के लिए गणित का उपयोग करना। (2) समस्या के सरलीकरण के लिए अनुमान लगाना और सन्निकटीकरण करना। (3) महत्त्वपूर्ण मात्राओं की पहचान करना तथा उनके संबंधों को ज्ञात करने के लिए साधनों या निरूपण का उपयोग करना। अत: उपर्युक्त प्रश्नानुसार गणित की कक्षा में अमूर्त प्रतिरूपों का शिक्षण-अधिगम सामग्री के रूप में उपयोग करना न्यूनतम संबंधित है। क्योंकि अमूर्त वह होता है जो दिखाई नही देता बल्कि एक काल्पनिक है जो कि यह शिक्षण अधिगम की सामग्री में नही आयेगा।

Explanations:

गणितीय निदर्शन (प्रतिरूप) एक गणितीय संबंध होता है जो वास्तविक जीवन से जुड़ी किसी स्थिति की व्याख्या करता है। गणितीय निदर्शन (मॉडलिंग) से संबंधित तथ्य है। (1) दैनिक जीवन में समस्याओं के समाधान के लिए गणित का उपयोग करना। (2) समस्या के सरलीकरण के लिए अनुमान लगाना और सन्निकटीकरण करना। (3) महत्त्वपूर्ण मात्राओं की पहचान करना तथा उनके संबंधों को ज्ञात करने के लिए साधनों या निरूपण का उपयोग करना। अत: उपर्युक्त प्रश्नानुसार गणित की कक्षा में अमूर्त प्रतिरूपों का शिक्षण-अधिगम सामग्री के रूप में उपयोग करना न्यूनतम संबंधित है। क्योंकि अमूर्त वह होता है जो दिखाई नही देता बल्कि एक काल्पनिक है जो कि यह शिक्षण अधिगम की सामग्री में नही आयेगा।