Correct Answer:
Option B - प्रकाशन के अनुसार आरोही क्रम भारत-भारती (1912 ई.), साकेत (1931 ई.), यशोधरा (1933 ई.) तथा जयभारत (1952 ई.)। यह राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की युगांतकारी रचनाएँ हैं। इन्हें साहित्य जगत में ‘दद्दा’ नाम से संबोधित किया जाता था। 1912 ई. में प्रकाशित खण्डकाव्य भारत-भारती ने स्वतंत्रता संग्राम को अत्यधिक प्रभावित किया इसी कारण महात्मा गाँधी ने उन्हें ‘राष्ट्रकवि’ की पदवी प्रदान की। इनकी जयंती प्रत्येक वर्ष 3 अगस्त को ‘कवि दिवस’ के रूप में मनायी जाती है। 1954 ई. में भारत सरकार द्वारा इन्हें पद्मभूषण से सम्मानित किया गया।
B. प्रकाशन के अनुसार आरोही क्रम भारत-भारती (1912 ई.), साकेत (1931 ई.), यशोधरा (1933 ई.) तथा जयभारत (1952 ई.)। यह राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की युगांतकारी रचनाएँ हैं। इन्हें साहित्य जगत में ‘दद्दा’ नाम से संबोधित किया जाता था। 1912 ई. में प्रकाशित खण्डकाव्य भारत-भारती ने स्वतंत्रता संग्राम को अत्यधिक प्रभावित किया इसी कारण महात्मा गाँधी ने उन्हें ‘राष्ट्रकवि’ की पदवी प्रदान की। इनकी जयंती प्रत्येक वर्ष 3 अगस्त को ‘कवि दिवस’ के रूप में मनायी जाती है। 1954 ई. में भारत सरकार द्वारा इन्हें पद्मभूषण से सम्मानित किया गया।