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Q: निम्नलिखित किस नदी के तट पर महावीर स्वामी को कैवल्य प्राप्त हुआ था?
  • A. ऋजुपालिका
  • B. निरन्जना
  • C. गोदावरी
  • D. कोसी
Correct Answer: Option A - महावीर स्वामी जैनियों के 24वें तीर्थंकर एवं जैन धर्म के वास्तविक संस्थापक थे। महावीर ने 30 वर्ष की अवस्था में गृह त्याग दिया था। 12 वर्ष तक कठोर तपस्या के बाद 42 वर्ष की अवस्था में महावीर को जृम्भिकग्राम के समीप ऋजुपालिका के नदी के तट पर साल वृक्ष के नीचे कैवल्य (सर्वोच्च ज्ञान) प्राप्त हुआ था। ज्ञान प्राप्ति के पश्चात् उन्हें केवलिन, जिन (विजेता), अर्हत् (योग्य) तथा निर्ग्रन्थ (बंधन रहित) कहा गया।
A. महावीर स्वामी जैनियों के 24वें तीर्थंकर एवं जैन धर्म के वास्तविक संस्थापक थे। महावीर ने 30 वर्ष की अवस्था में गृह त्याग दिया था। 12 वर्ष तक कठोर तपस्या के बाद 42 वर्ष की अवस्था में महावीर को जृम्भिकग्राम के समीप ऋजुपालिका के नदी के तट पर साल वृक्ष के नीचे कैवल्य (सर्वोच्च ज्ञान) प्राप्त हुआ था। ज्ञान प्राप्ति के पश्चात् उन्हें केवलिन, जिन (विजेता), अर्हत् (योग्य) तथा निर्ग्रन्थ (बंधन रहित) कहा गया।

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महावीर स्वामी जैनियों के 24वें तीर्थंकर एवं जैन धर्म के वास्तविक संस्थापक थे। महावीर ने 30 वर्ष की अवस्था में गृह त्याग दिया था। 12 वर्ष तक कठोर तपस्या के बाद 42 वर्ष की अवस्था में महावीर को जृम्भिकग्राम के समीप ऋजुपालिका के नदी के तट पर साल वृक्ष के नीचे कैवल्य (सर्वोच्च ज्ञान) प्राप्त हुआ था। ज्ञान प्राप्ति के पश्चात् उन्हें केवलिन, जिन (विजेता), अर्हत् (योग्य) तथा निर्ग्रन्थ (बंधन रहित) कहा गया।