Correct Answer:
Option D - ‘बैलगाड़ी’ में तत्पुरुष समास है। इस समास में बाद का अथवा उत्तर पद प्रधान होता है तथा दोनों पदों के बीच कारक चिह्न का लोप होता है; जैसे– राजकुमार (राजा का कुमार), शोकग्रस्त (शोक से ग्रस्त) आदि।
द्वंद्व समास– इस समास में दोनों पदों की प्रधानता होती है तथा विग्रह करने पर ‘और’, ‘अथवा’, ‘या’, ‘एवं’ लगता है।
जैसे– नदी–नाले (नदी और नाले), गुण–दोष (गुण और दोष) आदि।
द्विगु समास– इस समास का पूर्वपद संख्यावाचक विशेषण होता है। इसमें समूह या समाहार का बोध होता है।
जैसे– सप्त सिंधु– सात सिंधुओं का समूह, त्रिलोक – तीनों लोकों का समाहार
अव्ययीभाव समास– इस समास का पूर्वपद अव्यय तथा प्रधान होता है। जैसे– प्रतिदिन – प्रत्येक दिन, अनुरूप – रूप के योग्य
D. ‘बैलगाड़ी’ में तत्पुरुष समास है। इस समास में बाद का अथवा उत्तर पद प्रधान होता है तथा दोनों पदों के बीच कारक चिह्न का लोप होता है; जैसे– राजकुमार (राजा का कुमार), शोकग्रस्त (शोक से ग्रस्त) आदि।
द्वंद्व समास– इस समास में दोनों पदों की प्रधानता होती है तथा विग्रह करने पर ‘और’, ‘अथवा’, ‘या’, ‘एवं’ लगता है।
जैसे– नदी–नाले (नदी और नाले), गुण–दोष (गुण और दोष) आदि।
द्विगु समास– इस समास का पूर्वपद संख्यावाचक विशेषण होता है। इसमें समूह या समाहार का बोध होता है।
जैसे– सप्त सिंधु– सात सिंधुओं का समूह, त्रिलोक – तीनों लोकों का समाहार
अव्ययीभाव समास– इस समास का पूर्वपद अव्यय तथा प्रधान होता है। जैसे– प्रतिदिन – प्रत्येक दिन, अनुरूप – रूप के योग्य