Correct Answer:
Option B - चन्द्रगुप्त द्वितीय ने शक मुद्राओं के अनुकरण पर ही चांदी के सिक्के उत्कीर्ण करवाए। पश्चिमी शक विजय के फलस्वरूप उसने व्याघ्र शैली के सिक्के उत्कीर्ण करवाए और विक्रमादित्य तथा शकारि की उपाधि धारण की थी। चन्द्रगुप्त द्वितीय की दिग्विजयों का उल्लेख उसके उदयगिरि अभिलेख से होता है।
B. चन्द्रगुप्त द्वितीय ने शक मुद्राओं के अनुकरण पर ही चांदी के सिक्के उत्कीर्ण करवाए। पश्चिमी शक विजय के फलस्वरूप उसने व्याघ्र शैली के सिक्के उत्कीर्ण करवाए और विक्रमादित्य तथा शकारि की उपाधि धारण की थी। चन्द्रगुप्त द्वितीय की दिग्विजयों का उल्लेख उसके उदयगिरि अभिलेख से होता है।