Correct Answer:
Option A - गद्यांश में लेखक बूँद की विशेषता बताते हुए कहता है कि, ‘एक बूँद जल का कोई महत्त्व नहीं होता है, लेकिन जब यही बूँद परस्पर संगठित हो जाती हैं तो सागर का रूप धारण कर लेती हैं।
A. गद्यांश में लेखक बूँद की विशेषता बताते हुए कहता है कि, ‘एक बूँद जल का कोई महत्त्व नहीं होता है, लेकिन जब यही बूँद परस्पर संगठित हो जाती हैं तो सागर का रूप धारण कर लेती हैं।