Correct Answer:
Option D - सुघट्यता (Plasticity)- मृदा का वह गुण जिसके कारण वह बिना अपने आयतन परिवर्तन तथा बिना दरारे पड़े इच्छित आकार में ढाली जा सके Plasticity कहलाता है।
संकुचन सीमा (Shrinkage limit)- यह जल की वह अधिकतम मात्रा है जिस पर यदि पुन: मृदा से और जल कम किया जाये तो उसके आयतन में कोई कमी नहीं होती है।
संपीड्यता (Compressibility)-मृदा पर भार आने पर उसके आयतन में कमी आने का गुण संपीड्यता कहलाता है। इसका प्रति इकाई दाब बढ़ने पर मृदा के आयतन में होने वाली कमी द्वारा दर्शाते हैं।
D. सुघट्यता (Plasticity)- मृदा का वह गुण जिसके कारण वह बिना अपने आयतन परिवर्तन तथा बिना दरारे पड़े इच्छित आकार में ढाली जा सके Plasticity कहलाता है।
संकुचन सीमा (Shrinkage limit)- यह जल की वह अधिकतम मात्रा है जिस पर यदि पुन: मृदा से और जल कम किया जाये तो उसके आयतन में कोई कमी नहीं होती है।
संपीड्यता (Compressibility)-मृदा पर भार आने पर उसके आयतन में कमी आने का गुण संपीड्यता कहलाता है। इसका प्रति इकाई दाब बढ़ने पर मृदा के आयतन में होने वाली कमी द्वारा दर्शाते हैं।