Correct Answer:
Option B - रोडॉप्सिन प्रोटीन का आवश्यक घटक है जो रेटिना रिसेप्टर्स में प्रकाश को अवशोषित करता है। जिस वस्तु को हम देखना चाहते है उस पर प्रकाश पड़ना चाहिए फिर उस वस्तु से प्रकाश की किरणें आँखों में पहुँचती है और कार्निया पारदर्शक द्रव पुतली तथा लेन्स और अन्दर के पारदर्शक द्रव में से गुजरकर दृष्टि-पटल पर केन्द्रित होती है। किन्तु वस्तु का उल्टा प्रतिबिम्ब दृष्टि-पटल पर बनता है। दृष्टि तन्त्रिकाएँ उसका सन्देश मस्तिष्क में पहुँचाती है जहाँ उनका स्पष्टीकरण होता है।
B. रोडॉप्सिन प्रोटीन का आवश्यक घटक है जो रेटिना रिसेप्टर्स में प्रकाश को अवशोषित करता है। जिस वस्तु को हम देखना चाहते है उस पर प्रकाश पड़ना चाहिए फिर उस वस्तु से प्रकाश की किरणें आँखों में पहुँचती है और कार्निया पारदर्शक द्रव पुतली तथा लेन्स और अन्दर के पारदर्शक द्रव में से गुजरकर दृष्टि-पटल पर केन्द्रित होती है। किन्तु वस्तु का उल्टा प्रतिबिम्ब दृष्टि-पटल पर बनता है। दृष्टि तन्त्रिकाएँ उसका सन्देश मस्तिष्क में पहुँचाती है जहाँ उनका स्पष्टीकरण होता है।