Correct Answer:
Option D - • निलिमा शेख की कलाकृतियाँ मुगल लघुचित्र, जापानी वुडकट, पाश्चात्य आधुनिकता से प्रभावित है।
• नीलिमा शेख का जन्म सन् 1945 ई. में नई दिल्ली में हुआ था इन्होंने कला की शिक्षा बड़ौदा विश्व विद्यालय से प्राप्त की थी, इनके चित्रण का विषय पारम्परिक कलाओं और लघु चित्रों पर आधारित था, ये मूलत: पश्चिमी कला शैली में प्रशिक्षित थी साथ ही इनकी कला पर मुगल तथा ईरानी शैली का प्रभाव परिलक्षित होता है। इन्होंने पिछवाई पटचित्रण और थंका चित्रण को प्रमुख रूप से टेम्परा तकनीक में चित्रित किया है। इनके गुरू के.जी. सुब्रमण्यम थे।
प्रमुख चित्र - व्हेन चम्पा ग्रिव अप चित्र शृंखल (इसमें कुल 12 पेंटिंग है), रीडिंग आगा शहिद अली चित्र शृंखला, सरहद लैजा, हिल साइड फ्लॉक, पोस्टमैन, वैली, बाई द हिल स्ट्रीम, हिल टाउन पोस्ट, ऑफिस आदि।
D. • निलिमा शेख की कलाकृतियाँ मुगल लघुचित्र, जापानी वुडकट, पाश्चात्य आधुनिकता से प्रभावित है।
• नीलिमा शेख का जन्म सन् 1945 ई. में नई दिल्ली में हुआ था इन्होंने कला की शिक्षा बड़ौदा विश्व विद्यालय से प्राप्त की थी, इनके चित्रण का विषय पारम्परिक कलाओं और लघु चित्रों पर आधारित था, ये मूलत: पश्चिमी कला शैली में प्रशिक्षित थी साथ ही इनकी कला पर मुगल तथा ईरानी शैली का प्रभाव परिलक्षित होता है। इन्होंने पिछवाई पटचित्रण और थंका चित्रण को प्रमुख रूप से टेम्परा तकनीक में चित्रित किया है। इनके गुरू के.जी. सुब्रमण्यम थे।
प्रमुख चित्र - व्हेन चम्पा ग्रिव अप चित्र शृंखल (इसमें कुल 12 पेंटिंग है), रीडिंग आगा शहिद अली चित्र शृंखला, सरहद लैजा, हिल साइड फ्लॉक, पोस्टमैन, वैली, बाई द हिल स्ट्रीम, हिल टाउन पोस्ट, ऑफिस आदि।