Correct Answer:
Option A - नाइट्राइडिंग विधि में NH₃ गैस को 500°C – 560°C पर छोड़ा जाता है।
नाइट्राइडिंग (Nitriding,)– यह केस हार्डनिंग की एक विधि है, इस विधि में अमोनियाँ की माप के द्वारा आयरन नाइट्राइड का केस बनाया जाता है। इस विधि में अमोनिया गैस को 500°C से 560°C पर छोड़ा जाता है। फलत: अमोनिया में उपस्थित नाइट्रोजन कम्पोनेंट के सतह में प्रवेश कर जाता है। जिससे कम्पोनेंट का ऊपरी सतह अत्यंत हार्ड हो जाता है।
A. नाइट्राइडिंग विधि में NH₃ गैस को 500°C – 560°C पर छोड़ा जाता है।
नाइट्राइडिंग (Nitriding,)– यह केस हार्डनिंग की एक विधि है, इस विधि में अमोनियाँ की माप के द्वारा आयरन नाइट्राइड का केस बनाया जाता है। इस विधि में अमोनिया गैस को 500°C से 560°C पर छोड़ा जाता है। फलत: अमोनिया में उपस्थित नाइट्रोजन कम्पोनेंट के सतह में प्रवेश कर जाता है। जिससे कम्पोनेंट का ऊपरी सतह अत्यंत हार्ड हो जाता है।