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Q: नागरिकता की अवधारणा में किसने गुलामों को बाहर रखा?
  • A. प्लेटो
  • B. अरस्तू
  • C. हॉब्स
  • D. ऑस्टिन
Correct Answer: Option B - अरस्तू ने नागरिकता की अवधारणा में गुलामों को बाहर रखा। अपने प्रसिद्ध ग्रंथ ‘पॉलिटिक्स’ में स्पष्ट किया है कि राज्य का नागरिक वही बन सकता है जो राजनीतिक कार्यों में सक्रिय रूप से भाग लेता है। वह गुलामों के साथ–साथ स्त्रियों, श्रमिकों, शिल्पियों और विदेशी नागरिकों को भी नागरिकता के अधिकार से वंचित रखता है।
B. अरस्तू ने नागरिकता की अवधारणा में गुलामों को बाहर रखा। अपने प्रसिद्ध ग्रंथ ‘पॉलिटिक्स’ में स्पष्ट किया है कि राज्य का नागरिक वही बन सकता है जो राजनीतिक कार्यों में सक्रिय रूप से भाग लेता है। वह गुलामों के साथ–साथ स्त्रियों, श्रमिकों, शिल्पियों और विदेशी नागरिकों को भी नागरिकता के अधिकार से वंचित रखता है।

Explanations:

अरस्तू ने नागरिकता की अवधारणा में गुलामों को बाहर रखा। अपने प्रसिद्ध ग्रंथ ‘पॉलिटिक्स’ में स्पष्ट किया है कि राज्य का नागरिक वही बन सकता है जो राजनीतिक कार्यों में सक्रिय रूप से भाग लेता है। वह गुलामों के साथ–साथ स्त्रियों, श्रमिकों, शिल्पियों और विदेशी नागरिकों को भी नागरिकता के अधिकार से वंचित रखता है।