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Q: ‘‘निगृह्यमाणा बटव: पदे पदे यजूंषि सामानि च यस्य शज्र्ति:’’ यह पंक्ति किस कवि की कीर्ति को अभिव्यक्त करती है?
  • A. बाणभट्ट की
  • B. भारवि की
  • C. भर्तृहरि की
  • D. भवभूति की
Correct Answer: Option A - ‘‘निगृह्यमाणा बटव: पदे पदे यजूंषि सामानि च यस्य शज्र्ति:’’ यह पंक्ति बाणभट्ट कवि की कीर्ति को अभिव्यक्त करती है।
A. ‘‘निगृह्यमाणा बटव: पदे पदे यजूंषि सामानि च यस्य शज्र्ति:’’ यह पंक्ति बाणभट्ट कवि की कीर्ति को अभिव्यक्त करती है।

Explanations:

‘‘निगृह्यमाणा बटव: पदे पदे यजूंषि सामानि च यस्य शज्र्ति:’’ यह पंक्ति बाणभट्ट कवि की कीर्ति को अभिव्यक्त करती है।