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Q: नीचे दो वक्तव्य दिये है, एक को कथन (A) कहा गया है और दूसरे को कारण (R)– कथन (A) : हीनार्थ प्रबन्धन से मुद्रा–स्फीति होती है। कारण (R) : इससे मुद्रा की आपूर्ति वस्तुओं एवं सेवाओं की तुलना में अधिक हो जाती है। उपर्युक्त के संदर्भ में निम्न में से कौन सा एक सही है–
  • A. A तथा R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
  • B. A तथा R दोनों सही हैं, परन्तु R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • C. A सही है, परन्तु R गलत है
  • D. A गलत है, परन्तु R सही है
Correct Answer: Option C - हीनार्थ प्रबन्धन' अथवा घाटे की वित्त व्यवस्था के तहत सरकार बजट घाटे को पूरा करने के लिए या तो केंद्रीय बैंक से ऋण लेती है अथवा अतिरिक्त पत्र मुद्रा छापकर व्यय के आधिक्य को पूरा करती है। हीनार्थ प्रबन्धन के इस उपाय को अपनाने से मुद्रास्फीति उत्पन्न होती है जिसके फलस्वरूप मुद्रा की आपूर्ति , वस्तुओं एवं सेवाओं की तुलना में अधिक हो जाती है। मुद्रा का मूल्य गिरता है तथा वस्तुओं एवं सेवाओं के मूल्य में वृद्धि हो जाती है।
C. हीनार्थ प्रबन्धन' अथवा घाटे की वित्त व्यवस्था के तहत सरकार बजट घाटे को पूरा करने के लिए या तो केंद्रीय बैंक से ऋण लेती है अथवा अतिरिक्त पत्र मुद्रा छापकर व्यय के आधिक्य को पूरा करती है। हीनार्थ प्रबन्धन के इस उपाय को अपनाने से मुद्रास्फीति उत्पन्न होती है जिसके फलस्वरूप मुद्रा की आपूर्ति , वस्तुओं एवं सेवाओं की तुलना में अधिक हो जाती है। मुद्रा का मूल्य गिरता है तथा वस्तुओं एवं सेवाओं के मूल्य में वृद्धि हो जाती है।

Explanations:

हीनार्थ प्रबन्धन' अथवा घाटे की वित्त व्यवस्था के तहत सरकार बजट घाटे को पूरा करने के लिए या तो केंद्रीय बैंक से ऋण लेती है अथवा अतिरिक्त पत्र मुद्रा छापकर व्यय के आधिक्य को पूरा करती है। हीनार्थ प्रबन्धन के इस उपाय को अपनाने से मुद्रास्फीति उत्पन्न होती है जिसके फलस्वरूप मुद्रा की आपूर्ति , वस्तुओं एवं सेवाओं की तुलना में अधिक हो जाती है। मुद्रा का मूल्य गिरता है तथा वस्तुओं एवं सेवाओं के मूल्य में वृद्धि हो जाती है।