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Q: नीचे दो वक्तव्य दिए गये हैं, एक को कथन (A) तथा दूसरे को कारण (R) कहा गया है : कथन (A) : ‘‘भारतीय वन सेवा’’ का अस्तित्व 1963 में राज्य सभा की संस्तुति का परिणाम है। कारण (R) : राज्य सभा अपने उपस्थित एवं मत देने वाले सदस्यों के 2/3 बहुमत से एक या अधिक अखिल भारतीय सेवाओं को निर्मित कर सकती है। नीचे दिए गए कूटों में से ही उत्तर का चयन कीजिए: कूट :
  • A. (A) तथा (R) दोनों सही हैं तथा (R), (A) की सही व्याख्या है
  • B. A) तथा (R) दोनों सही हैं तथा (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है
  • C. (A) सत्य है, परन्तु (R) असत्य है
  • D. (A) असत्य है, परन्तु (R) सत्य है
Correct Answer: Option D - संविधान के अनुच्छेद 312(1) के अुनसार यदि राज्य सभा ने उपस्थित एवं मत देने वाले सदस्यों में से कम-से-कम दो तिहाई सदस्यों द्वारा समर्थित संकल्प द्वारा यह घोषित किया है कि राष्ट्रीय हित में ऐसा करना आवश्यक या समीचीन है तो संसद विधि द्वारा संघ और राज्यों के लिए सम्मिलित एक या अधिक अखिल भारतीय सेवाओं के सृजन के लिए उपबन्ध कर सकेगी। उक्त अनुच्छेद के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए राज्य सभा ने तीन नई अखिल भारतीय सेवाओं नामत: भारतीय वन सेवा, भारतीय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा और भारतीय अभियांत्रिकी सेवा के सृजन के लिए 6 दिसंबर, 1961 को एक प्रस्ताव पारित किया। उक्त प्रस्ताव के अनुपालन के क्रम में वर्ष 1963 में संसद द्वारा अखिल भारतीय सेवा अधिनियम, 1951 में संशोधन करते हुए अखिल भारतीय सेवा (संशोधन) अधिनियम, 1963 अधिनियमित किया गया। उक्त संशोधित अधिनियम के प्रावधानों के अनुसरण के क्रम में वर्ष 1966 में अखिल भारतीय सेवा के रूप में ‘भारतीय वन सेवा’ का सृजन किया गया। अत: स्पष्ट है कि कथन (A) असत्य है, जबकि कारण (R) सत्य है।
D. संविधान के अनुच्छेद 312(1) के अुनसार यदि राज्य सभा ने उपस्थित एवं मत देने वाले सदस्यों में से कम-से-कम दो तिहाई सदस्यों द्वारा समर्थित संकल्प द्वारा यह घोषित किया है कि राष्ट्रीय हित में ऐसा करना आवश्यक या समीचीन है तो संसद विधि द्वारा संघ और राज्यों के लिए सम्मिलित एक या अधिक अखिल भारतीय सेवाओं के सृजन के लिए उपबन्ध कर सकेगी। उक्त अनुच्छेद के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए राज्य सभा ने तीन नई अखिल भारतीय सेवाओं नामत: भारतीय वन सेवा, भारतीय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा और भारतीय अभियांत्रिकी सेवा के सृजन के लिए 6 दिसंबर, 1961 को एक प्रस्ताव पारित किया। उक्त प्रस्ताव के अनुपालन के क्रम में वर्ष 1963 में संसद द्वारा अखिल भारतीय सेवा अधिनियम, 1951 में संशोधन करते हुए अखिल भारतीय सेवा (संशोधन) अधिनियम, 1963 अधिनियमित किया गया। उक्त संशोधित अधिनियम के प्रावधानों के अनुसरण के क्रम में वर्ष 1966 में अखिल भारतीय सेवा के रूप में ‘भारतीय वन सेवा’ का सृजन किया गया। अत: स्पष्ट है कि कथन (A) असत्य है, जबकि कारण (R) सत्य है।

Explanations:

संविधान के अनुच्छेद 312(1) के अुनसार यदि राज्य सभा ने उपस्थित एवं मत देने वाले सदस्यों में से कम-से-कम दो तिहाई सदस्यों द्वारा समर्थित संकल्प द्वारा यह घोषित किया है कि राष्ट्रीय हित में ऐसा करना आवश्यक या समीचीन है तो संसद विधि द्वारा संघ और राज्यों के लिए सम्मिलित एक या अधिक अखिल भारतीय सेवाओं के सृजन के लिए उपबन्ध कर सकेगी। उक्त अनुच्छेद के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए राज्य सभा ने तीन नई अखिल भारतीय सेवाओं नामत: भारतीय वन सेवा, भारतीय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा और भारतीय अभियांत्रिकी सेवा के सृजन के लिए 6 दिसंबर, 1961 को एक प्रस्ताव पारित किया। उक्त प्रस्ताव के अनुपालन के क्रम में वर्ष 1963 में संसद द्वारा अखिल भारतीय सेवा अधिनियम, 1951 में संशोधन करते हुए अखिल भारतीय सेवा (संशोधन) अधिनियम, 1963 अधिनियमित किया गया। उक्त संशोधित अधिनियम के प्रावधानों के अनुसरण के क्रम में वर्ष 1966 में अखिल भारतीय सेवा के रूप में ‘भारतीय वन सेवा’ का सृजन किया गया। अत: स्पष्ट है कि कथन (A) असत्य है, जबकि कारण (R) सत्य है।