Correct Answer:
Option A - 20वीं शताब्दी में निर्धनता एवं निर्धन व्यक्ति हमारी चिन्ता एवं कर्तव्य के विषय बने, क्योंकि 20वीं शताब्दी में दो विश्व युद्धों और वैश्विक स्तर पर हुए विविध परिवर्तनों के कारण इस मुद्दे पर ध्यान नहीं दिया जा सका। रणनीतिक रुप से यहाँ लक्ष्य भेदन क्रियाओं का अभाव था, जिसके फलस्वरुप इस मुद्दे को गति मिली। यह कारण सत्य है। अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही है (R), (A) की सही व्याख्या है।
A. 20वीं शताब्दी में निर्धनता एवं निर्धन व्यक्ति हमारी चिन्ता एवं कर्तव्य के विषय बने, क्योंकि 20वीं शताब्दी में दो विश्व युद्धों और वैश्विक स्तर पर हुए विविध परिवर्तनों के कारण इस मुद्दे पर ध्यान नहीं दिया जा सका। रणनीतिक रुप से यहाँ लक्ष्य भेदन क्रियाओं का अभाव था, जिसके फलस्वरुप इस मुद्दे को गति मिली। यह कारण सत्य है। अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही है (R), (A) की सही व्याख्या है।