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Q: ‘निबन्ध वह गद्य रचना है जिसमें लेखक किसी भी विषय पर स्वच्छन्दतापूर्वक परन्तु एक विशेष सौष्ठव, संहिति और वैयक्तिकता के साथ अपने भावों, विचारों और अनुभवों को व्यक्त करता है।’ - यह परिभाषा किस विद्वान की है?
  • A. श्यामसुन्दर दास
  • B. भगीरथ मिश्र
  • C. भारतेन्दु
  • D. डा. नगेन्द्र
Correct Answer: Option B - ‘निबन्ध वह गद्य रचना है जिसमें लेखक किसी भी विषय पर स्वच्छन्दतापूर्वक परन्तु एक विशेष सौष्ठव, संहिति और वैयक्तिकता के साथ अपने भावों, विचारों और अनुभवों को व्यक्त करता है।’ निबन्ध के संबंध में उक्त परिभाषा भगीरथ मिश्र जी ने प्रस्तुत की है। निबंध का शाब्दिक अर्थ है- ‘सूत्रों में आबद्ध हुई रचना।’ काव्यशास्त्री आचार्य भगीरथ मिश्र की प्रमुख रचनाएँ- तुलसी रसायन, काव्यरस, चिंतन और आस्वाद, हिन्दी काव्यशास्त्र का इतिहास, हिन्दी रीति साहित्य आदि।
B. ‘निबन्ध वह गद्य रचना है जिसमें लेखक किसी भी विषय पर स्वच्छन्दतापूर्वक परन्तु एक विशेष सौष्ठव, संहिति और वैयक्तिकता के साथ अपने भावों, विचारों और अनुभवों को व्यक्त करता है।’ निबन्ध के संबंध में उक्त परिभाषा भगीरथ मिश्र जी ने प्रस्तुत की है। निबंध का शाब्दिक अर्थ है- ‘सूत्रों में आबद्ध हुई रचना।’ काव्यशास्त्री आचार्य भगीरथ मिश्र की प्रमुख रचनाएँ- तुलसी रसायन, काव्यरस, चिंतन और आस्वाद, हिन्दी काव्यशास्त्र का इतिहास, हिन्दी रीति साहित्य आदि।

Explanations:

‘निबन्ध वह गद्य रचना है जिसमें लेखक किसी भी विषय पर स्वच्छन्दतापूर्वक परन्तु एक विशेष सौष्ठव, संहिति और वैयक्तिकता के साथ अपने भावों, विचारों और अनुभवों को व्यक्त करता है।’ निबन्ध के संबंध में उक्त परिभाषा भगीरथ मिश्र जी ने प्रस्तुत की है। निबंध का शाब्दिक अर्थ है- ‘सूत्रों में आबद्ध हुई रचना।’ काव्यशास्त्री आचार्य भगीरथ मिश्र की प्रमुख रचनाएँ- तुलसी रसायन, काव्यरस, चिंतन और आस्वाद, हिन्दी काव्यशास्त्र का इतिहास, हिन्दी रीति साहित्य आदि।