Correct Answer:
Option D - विस्तारित वर्नियर (Extended Vernier) : यह वर्नियर तब प्रयोग किया जाता है जब मुख्य पैमाना बहुत पास होता है और वर्नियर की सामान्य लम्बाई (2n-1) से मुख्य पैमाने पर विभाजित होती है तथा वर्नियर के n भाग के बराबर होती है।
∎ वर्नियर पर एक सूचक निशान (Index Mark) बना होता है, जिस पर शून्य अंकित होता है। जब शून्य अंक के दोनों ओर अंशांकन (Graduations) बने रहते हैं, तो इसे दोहरा वर्नियर (double vernier) कहते हैं। जब निशान एक ओर ही बने होते हैं, तो इसे एकल वर्नियर (Single Vernier) कहते हैं।
D. विस्तारित वर्नियर (Extended Vernier) : यह वर्नियर तब प्रयोग किया जाता है जब मुख्य पैमाना बहुत पास होता है और वर्नियर की सामान्य लम्बाई (2n-1) से मुख्य पैमाने पर विभाजित होती है तथा वर्नियर के n भाग के बराबर होती है।
∎ वर्नियर पर एक सूचक निशान (Index Mark) बना होता है, जिस पर शून्य अंकित होता है। जब शून्य अंक के दोनों ओर अंशांकन (Graduations) बने रहते हैं, तो इसे दोहरा वर्नियर (double vernier) कहते हैं। जब निशान एक ओर ही बने होते हैं, तो इसे एकल वर्नियर (Single Vernier) कहते हैं।