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Q: Morphogenesis starts with : मार्फोजेनेसिस प्रारम्भ होती है :
  • A. Morulation/मोरुलेशन से
  • B. Blastulation/ ब्लास्टूलेशन से
  • C. Gastrulation/ गैस्टूलेशन से
  • D. neurulation/न्यूरुलेशन से
Correct Answer: Option C - मॉफोजेनेसिस गैस्टूलेशन अवस्था से प्रारम्भ होती है। गैस्ट्रूलेशन–ब्लास्टोसिस्ट की भीतरी कोशिका संहति (या एम्ब्रियोनल घुंडी की कोशिकाओं से तीन जनन स्तर वाले भ्रूण के बनने की क्रिया को गैस्ट्रूलेशन कहते हैं और इससे बने तीन जननस्तर वाले भ्रूण को गैस्ट्रूला कहते हैं। संरचना विकास गतियाँ–गैस्ट्रूलाभवन में एम्ब्रियोनल घुंडी की कुछ कोशिकायें अपने पूर्व स्थान से विस्थापित होकर उन स्थानों पर पहुँचती हैं जहाँ पर भविष्य में उनसे अलग-अलग अंगों का वर्धन होता है। एम्ब्रियोनल घुंडी के भीतर कोशिका संहति की कोशिकाओं के विस्थापन एवं पुनर्विन्यास की क्रियाओं को संरचना विकास गतियाँ (Marphogenetic movement) अथवा निर्माण गतियाँ कहते हैं। इन गतियों के परिणामस्वरूप भ्रूण के तीन जनन स्तर– (1) एक्टोडर्म (2) मीसोडर्म (3) एंडोडर्म में विभेदित हो जाते हैं। जनन स्तर की कोशिकाओं से भ्रूण के विकास के विभिन्न अंगों व अंग तंत्रों का विकास होता है।
C. मॉफोजेनेसिस गैस्टूलेशन अवस्था से प्रारम्भ होती है। गैस्ट्रूलेशन–ब्लास्टोसिस्ट की भीतरी कोशिका संहति (या एम्ब्रियोनल घुंडी की कोशिकाओं से तीन जनन स्तर वाले भ्रूण के बनने की क्रिया को गैस्ट्रूलेशन कहते हैं और इससे बने तीन जननस्तर वाले भ्रूण को गैस्ट्रूला कहते हैं। संरचना विकास गतियाँ–गैस्ट्रूलाभवन में एम्ब्रियोनल घुंडी की कुछ कोशिकायें अपने पूर्व स्थान से विस्थापित होकर उन स्थानों पर पहुँचती हैं जहाँ पर भविष्य में उनसे अलग-अलग अंगों का वर्धन होता है। एम्ब्रियोनल घुंडी के भीतर कोशिका संहति की कोशिकाओं के विस्थापन एवं पुनर्विन्यास की क्रियाओं को संरचना विकास गतियाँ (Marphogenetic movement) अथवा निर्माण गतियाँ कहते हैं। इन गतियों के परिणामस्वरूप भ्रूण के तीन जनन स्तर– (1) एक्टोडर्म (2) मीसोडर्म (3) एंडोडर्म में विभेदित हो जाते हैं। जनन स्तर की कोशिकाओं से भ्रूण के विकास के विभिन्न अंगों व अंग तंत्रों का विकास होता है।

Explanations:

मॉफोजेनेसिस गैस्टूलेशन अवस्था से प्रारम्भ होती है। गैस्ट्रूलेशन–ब्लास्टोसिस्ट की भीतरी कोशिका संहति (या एम्ब्रियोनल घुंडी की कोशिकाओं से तीन जनन स्तर वाले भ्रूण के बनने की क्रिया को गैस्ट्रूलेशन कहते हैं और इससे बने तीन जननस्तर वाले भ्रूण को गैस्ट्रूला कहते हैं। संरचना विकास गतियाँ–गैस्ट्रूलाभवन में एम्ब्रियोनल घुंडी की कुछ कोशिकायें अपने पूर्व स्थान से विस्थापित होकर उन स्थानों पर पहुँचती हैं जहाँ पर भविष्य में उनसे अलग-अलग अंगों का वर्धन होता है। एम्ब्रियोनल घुंडी के भीतर कोशिका संहति की कोशिकाओं के विस्थापन एवं पुनर्विन्यास की क्रियाओं को संरचना विकास गतियाँ (Marphogenetic movement) अथवा निर्माण गतियाँ कहते हैं। इन गतियों के परिणामस्वरूप भ्रूण के तीन जनन स्तर– (1) एक्टोडर्म (2) मीसोडर्म (3) एंडोडर्म में विभेदित हो जाते हैं। जनन स्तर की कोशिकाओं से भ्रूण के विकास के विभिन्न अंगों व अंग तंत्रों का विकास होता है।