Correct Answer:
Option B - टाइफाइड बुखार और पैराटाइफाइड बुखार आमतौर पर उन लोगों के मल से दूषित पीने के पानी या भोजन के सेवन से फैलता है जिन्हें टाइफाइड बुखार या पैराटाइफाइड बुखार होता है या ऐसे लोगों से होता है जो उस बैक्टीरिया के पुराने वाहक होते हैं।
आंत्र ज्वर (Typhoid Fever) को मियादी बुखार भी कहा जाता है। यह साल्मोनेला टाइफी नामक जीवाणु द्वारा होता है।
आन्त्र ज्वर का लक्षण-उच्च ज्वर, सिर दर्द, आमाशय पीड़ा, तलवों में जलन आदि है।
उपचार:-आन्त्र ज्वर का उपचार एंटीबायोटिक दवाओं के द्वारा होता है। आन्त्र ज्वर (Typhoid Fever) सबसे अधिक मुँह के जरिये खाने पीने की ऐसी प्रदूषित वस्तुओं से फैलता है, जिसमे साल्मोनेला टायफी नामक जीवाणु मौजूद हो।
B. टाइफाइड बुखार और पैराटाइफाइड बुखार आमतौर पर उन लोगों के मल से दूषित पीने के पानी या भोजन के सेवन से फैलता है जिन्हें टाइफाइड बुखार या पैराटाइफाइड बुखार होता है या ऐसे लोगों से होता है जो उस बैक्टीरिया के पुराने वाहक होते हैं।
आंत्र ज्वर (Typhoid Fever) को मियादी बुखार भी कहा जाता है। यह साल्मोनेला टाइफी नामक जीवाणु द्वारा होता है।
आन्त्र ज्वर का लक्षण-उच्च ज्वर, सिर दर्द, आमाशय पीड़ा, तलवों में जलन आदि है।
उपचार:-आन्त्र ज्वर का उपचार एंटीबायोटिक दवाओं के द्वारा होता है। आन्त्र ज्वर (Typhoid Fever) सबसे अधिक मुँह के जरिये खाने पीने की ऐसी प्रदूषित वस्तुओं से फैलता है, जिसमे साल्मोनेला टायफी नामक जीवाणु मौजूद हो।