Correct Answer:
Option A - अर्थिंग के विधियों को earth electrode के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है।
अर्थ इलेक्ट्रोड (Earth electrode)- धातु का वह पाइप या अन्य चालक, जो भारतीय विद्युत नियमों के अनुरूप हो एवं जिसे पृथ्वी में दबा दिया जाता है, अर्थ इलेक्ट्रोड कहलाता है।
∎ अर्थिंग पाँच प्रकार की होती है-
1. पाइप अर्थिंग
2. प्लेट अर्थिंग
3. स्ट्रिप अर्थिंग
4. रॉड अर्थिंग
5. कुण्डली अर्थिंग
∎ किसी भी विद्युत सर्किट में वह स्थान जो विद्युत मशीनों, उपकरणों को शॉर्ट सर्किट के समय होने वाले नुकसान से बचाता है और उस धारा को अपने अन्दर से गुजार कर पृथ्वी तक पहुंचा देता है, अर्थिंग कहलाता है।
∎ अर्थ का प्रतिरोध बहुत कम होना चाहिए तथा इसको अर्थ टेस्टर द्वारा मापा जाता है।
A. अर्थिंग के विधियों को earth electrode के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है।
अर्थ इलेक्ट्रोड (Earth electrode)- धातु का वह पाइप या अन्य चालक, जो भारतीय विद्युत नियमों के अनुरूप हो एवं जिसे पृथ्वी में दबा दिया जाता है, अर्थ इलेक्ट्रोड कहलाता है।
∎ अर्थिंग पाँच प्रकार की होती है-
1. पाइप अर्थिंग
2. प्लेट अर्थिंग
3. स्ट्रिप अर्थिंग
4. रॉड अर्थिंग
5. कुण्डली अर्थिंग
∎ किसी भी विद्युत सर्किट में वह स्थान जो विद्युत मशीनों, उपकरणों को शॉर्ट सर्किट के समय होने वाले नुकसान से बचाता है और उस धारा को अपने अन्दर से गुजार कर पृथ्वी तक पहुंचा देता है, अर्थिंग कहलाता है।
∎ अर्थ का प्रतिरोध बहुत कम होना चाहिए तथा इसको अर्थ टेस्टर द्वारा मापा जाता है।